Health Astrology: आपकी कुंडली में छिपा है कैंसर का राज, जानिए ज्योतिषीय संकेत

Published by : Shaurya Punj Updated At : 18 Nov 2025 11:24 AM

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कुंडली में रोग संकेत

Health Astrology: कैंसर जैसे गंभीर रोग के ज्योतिषीय संकेत आपकी जन्मकुंडली में छुपे हो सकते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ खास ग्रह-स्थितियाँ और भाव इस बीमारी की संभावना दर्शाते हैं. यदि छठा, आठवां या बारहवां भाव प्रभावित हो, तो कैंसर के योग बढ़ जाते हैं. जानिए ऐसे ही महत्वपूर्ण संकेत.

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Health Astrology: मानव जीवन में शारीरिक और मानसिक परेशानियाँ आती-जाती रहती हैं. पुराने समय से लोग बीमारियों को ठीक करने के लिए जड़ी-बूटियों और वनस्पतियों का उपयोग करते आए हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी व्यक्ति के रोगों और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी जन्मकुंडली देखकर समझी जा सकती है. यदि किसी व्यक्ति का सही जन्म समय मालूम हो, तो कुंडली के विश्लेषण से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वह किस प्रकार की बीमारियों से प्रभावित हो सकता है.

ऐसे मिलता है भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत

कुंडली में छठा भाव रोगों का भाव माना जाता है. इसी भाव से पता चलता है कि व्यक्ति का स्वास्थ्य कैसा रहेगा और वह किन स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर सकता है. ग्रहों का प्रभाव केवल दैनिक जीवन पर ही नहीं पड़ता, बल्कि भविष्य में होने वाली समस्याओं और घटनाओं का संकेत भी देता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्र बताते हैं कि कुंडली से कुछ गंभीर और कष्टदायक बीमारियों के संकेत भी समझे जा सकते हैं.

कैंसर क्या होता है?

कैंसर को दुनिया की सबसे गंभीर और खतरनाक बीमारियों में गिना जाता है. इस रोग से प्रभावित व्यक्ति अक्सर मानसिक रूप से भी बहुत टूट जाता है. शरीर में दो प्रकार के रक्तकण होते हैं—लाल रक्तकण और सफेद रक्तकण. कैंसर का असर अक्सर इन कोशिकाओं की कार्यप्रणाली पर पड़ता है. जब शरीर में लाल रक्तकण कम होने लगते हैं, तो प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है. इसकी वजह से शरीर जल्दी थक जाता है, ऊर्जा कम महसूस होती है और नींद अधिक आने लगती है. कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, यही वजह है कि इसे पहचानना कभी-कभी मुश्किल हो जाता है.

कैंसर के लक्षण

कैंसर को असाध्य और बेहद जटिल रोग माना जाता है. पुरुषों में आमतौर पर मुंह का कैंसर और महिलाओं में गर्भाशय का कैंसर ज्यादा देखने को मिलता है. शरीर के किसी हिस्से में अचानक कोई अनचाही ग्रंथि या गांठ बन जाए, तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है. रोग बढ़ने पर यह गांठ कभी-कभी बाहर भी उभर आती है. इस बीमारी में मुंह के अंदर घाव बन जाते हैं जो लंबे समय तक ठीक नहीं होते. इसके अलावा भोजन पचने में समस्या, खाना निगलने में कठिनाई और बोलने में परेशानी भी इसके लक्षणों में शामिल हैं.

ज्योतिष के अनुसार कैंसर कब होने की संभावना बढ़ती है?

ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि यदि चंद्रमा छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो और उन पर तीन पापी ग्रहों की दृष्टि हो, तो यह कैंसर का योग बनाता है. यदि शनि और गुरु कर्क या मकर राशि में हों, तो भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का संकेत मिलता है. इसके अलावा—

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  • शनि, केतु और गुरु पर नीच चंद्रमा या नीच मंगल की दृष्टि हो,
  • गुरु, केतु और शुक्र का किसी राशि में योग बने,
  • चंद्रमा-केतु-शनि या चंद्रमा-केतु-मंगल एक साथ बैठे हों,
  • राहु और शनि एक ही भाव में हों—
  • तो व्यक्ति में कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है.
  • इसी तरह छठे भाव में स्थिर राशि का मंगल या द्विस्वभाव राशि का शनि भी कैंसर के महत्वपूर्ण ज्योतिषीय कारक माने जाते हैं.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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