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पीएम नरेंद्र मोदी ने रांची लोकसभा के 26 लोगों की मदद की, इलाज के लिए दिये 55 लाख, संजय सेठ बोले- आभार

Updated at : 28 Dec 2022 7:43 PM (IST)
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पीएम नरेंद्र मोदी ने रांची लोकसभा के 26 लोगों की मदद की, इलाज के लिए दिये 55 लाख, संजय सेठ बोले- आभार

Prime Minister National Distress Relief Fund: असाध्य रोगों से जूझ रहे 13 गंभीर मरीजों को 3-3 लाख रुपये मिले. सांसद संजय सेठ ने कहा है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से इतनी बड़ी संख्या में मरीजों को इलाज के लिए राशि मिलना प्रधानमंत्री जी की सहृदयता है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रांची के 26 लोगों की मदद की है. इन 26 लोगों के इलाज के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से 55 लाख 41 हजार रुपये दिये गये. गंभीर व असाध्य रोगों के उपचार के लिए यह राशि दी गयी है. रांची लोकसभा के सांसद संजय सेठ की अनुशंसा पर क्षेत्र के लोगों की इस राशि से मदद की गयी. श्री सेठ ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है.

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से मिली इलाज में मदद

रांची के सांसद संजय सेठ ने बताया है कि वर्ष 2022 में कुल 26 लोगों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से पैसे दिये गये. जिन लोगों की पीएम ने मदद की है, उनमें 14 कैंसर के मरीज हैं, जबकि 7 दिल और किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीज. 5 लोग अन्य अन्य रोगों से ग्रस्त हैं. रांची लोकसभा क्षेत्र के रांची जिला व सरायकेला-खरसावां जिला में कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, किडनी प्रत्यारोपण, ब्लड कैंसर, दिल से जुड़े रोग, ब्रेन ट्यूमर, प्लास्टिक एनीमिया जैसे गंभीर रोगों समेत कई अन्य असाध्य रोगों के उपचार के लिए यह राशि प्रदान की गयी है.

13 लोगों को 3-3 लाख रुपये की मदद मिली

असाध्य रोगों से जूझ रहे 13 गंभीर मरीजों को 3-3 लाख रुपये मिले. सांसद संजय सेठ ने कहा है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से इतनी बड़ी संख्या में मरीजों को इलाज के लिए राशि मिलना प्रधानमंत्री जी की सहृदयता है. सांसद ने कहा कि इसके तहत असाध्य रोग से जूझ रहा कोई भी नागरिक अपने उपचार के लिए पैसे ले सकता है.

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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से पैसे लेने की प्रक्रिया

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से देश भर के लोगों को असाध्य रोगों के उपचार के लिए राशि प्रदान की जाती है. इसके लिए संबंधित रोगियों या उनके अभिभावक का आय प्रमाण पत्र, जिस अस्पताल में इलाज हो रहा हो वहां का इस्टीमेट, आधार कार्ड, रोगी का पासपोर्ट साइज फोटो के साथ आवेदन करना होता है. आवेदन के 40 से 50 दिनों के भीतर उपचार के लिए राशि इलाज कर रहे अस्पताल के खाते में भेज दी जाती है. शर्त सिर्फ इतनी है कि रोगी जिस अस्पताल में इलाज करवा रहा है, वह प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से राशि लेने के लिए अधिकृत हो.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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