झारखंड: महेंद्र सिंह धौनी के नाम पर झांसा देकर डेढ़ साल के बच्चे को अगवा कर 1.20 लाख में बेचा, आठ अरेस्ट

एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के लीची बगान की रहनेवाली मधु देवी ने 22 अक्तूबर 2023 को अपने डेढ़ साल के बेटे रूद्र राज के अगवा होने की प्राथमिकी अरगोड़ा थाने में दर्ज करायी थी. इसके आधार पर एसआईटी गठित कर अनुसंधान शुरू किया गया था.
रांची: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी से पैसा और आवास दिलाने का झांसा देकर भीख मांगनेवाली महिला के डेढ़ साल के बच्चे को अगवा करनेवाले आठ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने यह बच्चा 1.20 लाख रुपये में इटखोरी के एक दंपती को बेच दिया था. गिरफ्तार किये गये आरोपियों में मधुकम शास्त्री चौक निवासी विनय वर्मा, सिमडेगा के ठेठई टांगर निवासी सलुजा बेगम, रामगढ़ के बंगालीटोला निवासी कृष्णा मिश्रा उर्फ अशोक मिस्त्री, चान्हो निवासी गीता मुंडा, साजिद अंसारी उर्फ बबलू, चतरा के इटखोरी निवासी दंपती महेंद्र साव व कुंती देवी के अलावा वहीं की सरिता देवी शामिल हैं. पुलिस ने अगवा किये गये बच्चे और वारदात में इस्तेमाल की गयी बाइक बरामद कर ली है. यह जानकारी एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने सोमवार को प्रेस वार्ता में दी. इस दौरान सिटी एसपी राजकुमार मेहता, अरगोड़ा थाना प्रभारी बृज कुमार व दारोगा अनिमेष भी मौजूद थे.
अरगोड़ा थाने में दर्ज करायी थी प्राथमिकी
एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के लीची बगान की रहनेवाली मधु देवी ने 22 अक्तूबर 2023 को अपने डेढ़ साल के बेटे रूद्र राज के अगवा होने की प्राथमिकी अरगोड़ा थाने में दर्ज करायी थी. इसके आधार पर एसआईटी गठित कर अनुसंधान शुरू किया गया था. इस दौरान मिले सुराग के आधार पर सबसे पहले विनय वर्मा और सलुजा बेगम को गिरफ्तार किया गया. रांची में मजदूरी करने के दौरान इन दोनों के बीच मधुर संबंध बने थे. इन्हीं दोनों ने बच्चे को अगवा किया था. दोनों ने पूछताछ में बताया कि चान्हो निवासी साजिद अंसारी उर्फ बबलू और रामगढ़ के कृष्णा मिश्रा ने कुछ दिन पहले इनसे कहा था कि पालने के लिए एक छोटा बच्चा चाहिए. इसके एवज में बबलू ने इन्हें 10 हजार रुपये भी दिये थे. इसके बाद विनय और सलुजा ने बच्चे की खोज शुरू की. उसी दौरान इन्होंने हिनू में भीख मांग रही एक महिला से उसका बच्चा मांगा, पर महिला ने इनकार कर दिया. इस इन दोनों ने महिला भिखारी को महेंद्र सिंह धौनी से पैसा व आवास दिलवाने का झांसा दिया और उसे हरमू की तरफ ले आये. इसके बाद उसका बच्चा लेकर फरार हो गये.
बच्चे को लेकर रामगढ़ पहुंचे, वहीं बना उसे बेचने का प्लान
विनय और सलुजा बच्चे को लेकर बबलू के साथ रामगढ़ में कृष्णा मिश्रा के पास पहुंचे. वहीं पर बच्चे को बेचने का प्लान बनाया गया. कृष्णा मिश्रा ने रामगढ़ की ही गीता मुंडा को बुलाकर उससे बात की. गीता ने चतरा के इटखोरी निवासी सरिता देवी से संपर्क किया. सरिता ने अपने ही गांव के नि:संतान दंपती महेंद्र साव और कुंती देवी को बच्चा लेने के लिए राजी कर लिया. महेंद्र साव ने इनलोगों को बदले में 1.20 लाख रुपये दिये. इस रकम में से विनय वर्मा व सलुजा बेगम को 25 हजार, गीता मुंडा को 11 हजार, कृष्णा मिश्रा को 30 हजार और बबलू को 54 हजार रुपये मिले. पुलिस के अनुसार, विनय वर्मा सुखदेव नगर थाना से 2017 में छिनतई व 2019 में मारपीट और साजिद अंसारी उर्फ बबलू लोहरदगा से मानव तस्करी मामले में जेल जा चुका है. आरोपियों की गिरफ्तारी और बच्चे की सकुशल बरामदगी में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जायेगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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