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सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने वर्षों से लंबित केस में सुनाया फैसला, 10 लोगों से जुड़ा है मामला

27 Jul, 2025 4:58 pm
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Jharkhand High Court Supreme Court News

वर्षों से लंबित केस पर हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला.

Jharkhand High Court News: झारखंड हाईकोर्ट में 10 दोषियों के खिलाफ वर्षों से लंबित मामलों का निबटारा हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई पर सहमति जतायी, तो हाईकोर्ट ने भी आनन-‍फानन में सभी दोषियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुना दिया. अब सुप्रम कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्ट से कहा है कि ऐसे मामलों का जल्द से जल्द निबटारा करें, जिसमें आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका है, लेकिन उनकी सजा पर फैसला नहीं हो रहा.

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Jharkhand High Court News: झारखंड हाईकोर्ट ने जिन 10 लोगों के खिलाफ वर्षों से फैसला नहीं सुनाया था, सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एक सप्ताह में अपना निर्णय सुना दिया. मामला झारखंड के 10 लोगों से जुड़ा है, जिनकी याचिका पर हाईकोर्ट वर्षों से फैसला नहीं सुना रहा था. सभी 10 दोषी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और इसके बाद एक सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया.

10 दोषियों में 6 को सुनायी गयी है मृत्युदंड की सजा

इन 10 दोषियों में से 6 वर्ष को मृत्युदंड तक की सजा सुनायी गयी है. इन लोगों ने अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ दायर याचिकाओं पर फैसले वर्षों पहले सुरक्षित रखे जाने के बावजूद उनके निपटारे में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.

21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हुई थी सुनवाई

शीर्ष अदालत ने दोषियों की याचिका पर विचार करने पर 14 जुलाई को सहमति जतायी थी. इसके बाद झारखंड सरकार और झारखंड हाईकोर्ट से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने 21 जुलाई को मामले की सुनवाई की थी.

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अलग-अलग तारीख पर हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

दोषियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश वकील फौजिया शकील ने पीठ को बताया कि हाईकोर्ट ने अलग-अलग तारीखों पर फैसला सुनाया. शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे अमित कुमार दास और बसंत कुमार महतो के मामले में हाईकोर्ट ने क्रमशः 16 जुलाई और 18 जुलाई को उनकी दोषसिद्धि और सजा को रद्द कर दिया. दास को जेल से रिहा कर दिया गया, जबकि महतो फैसला अपलोड नहीं किये जाने के कारण जेल में ही है.

बसंत को जमानत बांड पर रिहा करने का निर्देश

पीठ ने झारखंड सरकार को बसंत कुमार महतो को जमानत बांड प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने का निर्देश दिया. आजीवन कारावास की सजा काट रहे निर्मल भेंगरा नाम के दोषी के मामले में पीठ ने कहा कि दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ उसकी याचिका हाईकोर्ट ने 18 जुलाई को खारिज कर दी थी.

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Jharkhand High Court: सुप्रीम कोर्ट ने झालसा को दिया ये निर्देश

पीठ ने झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के सदस्य सचिव को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता से तुरंत संपर्क करें. अगर वह निजी वकील की सेवाएं लेने की स्थिति में नहीं है, तो उसे नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान करें, ताकि वह अदालत में अपने मामले के समाधान या छूट के लिए अपील कर सके.

मृत्युदंड का सामना कर रहे नितेश साहू की याचिका कर दी गयी थी खारिज

इसने कहा कि मृत्युदंड का सामना कर रहे नितेश साहू की याचिका भी खारिज कर दी गयी है और उसके मामले में भी इसी तरह का रास्ता अपनाया जाना चाहिए. शीर्ष अदालत ने कहा कि मौत की सजा पाने वाले 2 अन्य दोषियों सनातन बास्की और सुखलाल मुर्मू के मामले में हाईकोर्ट ने 17 जुलाई को फैसला सुनाया था. इस केस में मतभेद के बाद इसे किसी तीसरे जज को भेज दिया गया था.

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झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से केस की सुनवाई करने का अनुरोध

पीठ ने झारखंड हाईकोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस से अनुरोध किया कि वह इन मामलों की सुनवाई करें और जल्द से जल्द इनका निपटारा करने का प्रयास करें. यह भी कहा कि मौत की सजा पाने वाले 3 अन्य दोषियों गांधी उरांव, रोहित राय और बंधन उरांव के मामले में हाईकोर्ट ने 18 जुलाई को फैसला सुनाया था और उनकी याचिकाएं खारिज कर दी गयी थी.

‘गांधी उरांव, रोहित राय, बंधन उरांव से संपर्क करे झालसा’

सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को गांधी उरांव, रोहित राय एवं बंधन उरांव से संपर्क करने और शीर्ष अदालत में अपील दायर करने या उपयुक्त प्राधिकारियों के समक्ष क्षमादान की याचिका दायर करने में उनकी सहायता करने को कहा.

बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद थे 10 दोषियों में 9

आजीवन कारावास की सजा काट रहे प्रताप साही के मामले में भी इसी तरह के निर्देश दिये गये. उसकी अपील पर आदेश लंबित रहने के दौरान उसकी सजा पहले ही निलंबित कर दी गयी थी. इन 10 लोगों में से 9 रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में कैद थे. एक दुमका जिले की केंद्रीय कारागार में था.

सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट से मांगी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने उन सभी उच्च न्यायालयों से रिपोर्ट मांगी है, जिनमें मामले निर्णय के लिए सुरक्षित रखे जाने के बाद वर्षों से लंबित हैं. इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई 22 सितंबर के लिए स्थगित कर दी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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