Jharkhand News: चतरा के 8 प्रखंड की 12 पंचायतों की 14 बस्तियों में लोग पी रहे फ्लोराइडयुक्त पानी

Jharkhand News: चतरा प्रखंड की तीन पंचायतों आरा, देवरिया, टिकर में पानी फ्लोराइड की मात्रा पायी गयी है. आरा पंचायत के आरा गांव की निचली आरा बस्ती, देवरिया पंचायत के देवरिया गांव की देवरिया बस्ती, टिक्कर पंचायत के टिकर गांव की कासियाडीह बस्ती में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा पायी गयी है.
Jharkhand News: बिहार से सटे झारखंड के चतरा जिला में लोग फ्लोराइडयुक्त पानी पी रहे हैं. जिला के 8 प्रखंड की 12 पंचायतों की कम से कम 14 बस्तियों में लोगों के फ्लोरोसिस से ग्रस्त होने की आशंका बढ़ गयी है. झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से 2.19 लाख से अधिक पानी के सैंपल की जांच करायी गयी है, जिसमें पता चला है कि चतरा जिले की 14 बस्तियों के भू-जल में फ्लोराइड की मात्रा सामान्य से अधिक है.
चतरा प्रखंड की 3 पंचायतों (आरा, देवरिया और टिकर) की 3 बस्तियों, हंटरगंज प्रखंड में बालुरी पंचायत के बालुरी गांव की 2 बस्तियों, इटखोरी प्रखंड की धुना पंचायत की एक बस्ती, लावालौंग प्रखंड की कोलकोले पंचायत की एक बस्ती, मयूरहंड प्रखंड की हुसिया पंचायत की एक बस्ती, प्रतापपुर प्रखंड की चदरीगोविंदपुर पंचायत की एक बस्ती, सिमरिया प्रखंड की चौपे पंचायत की एक बस्ती, टंडवा प्रखंड की दो पंचायतों बाचारा-1 (उत्तर) और बहेरा की 4 बस्तियों में भू-जल दूषित हो चुका है.
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चतरा प्रखंड की तीन पंचायतों आरा, देवरिया, टिकर में पानी फ्लोराइड की मात्रा पायी गयी है. आरा पंचायत के आरा गांव की निचली आरा बस्ती, देवरिया पंचायत के देवरिया गांव की देवरिया बस्ती, टिक्कर पंचायत के टिकर गांव की कासियाडीह बस्ती में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा पायी गयी है. हंटरगंज प्रखंड के बालुरी पंचायत के बालुरी गांव में नीमटांड़ रविदास टोला और सोझघटिया कहार टोला में पानी में फ्लोराइड की मात्रा सामान्य से अधिक है.
इटखोरी प्रखंड की धुना पंचायत के रक्सी गांव की रक्सी बस्ती में भी पानी पीने योग्य नहीं रह गया है. चतरा जिला के ही लावालौंग प्रखंड स्थित कोलकोले पंचायत में कोलकोले कलां गांव की कोलकोले कलां बस्ती में पानी में फ्लोराइड सामान्य से अधिक मात्रा में मिला है. मयूरहंड प्रखंड अंतर्गत हुसिया पंचायत के केंदुवा बामनडीह गांव की दानापुर बस्ती में पानी प्रदूषित हो चुका है. प्रतापपुर प्रखंड की चदरीगोविंदपुर पंचायत के दौनापुर गांव की दौनापुर बस्ती का भी पानी पीने लायक नहीं रहा.
सिमरिया प्रखंड की चौपे पंचायत में स्थित बरगांव गांव की टिलारा बस्ती में भी पानी दूषित हो चुका है. टंडवा प्रखंड अंतर्गत बचारा-1 (उत्तर) और बहेरा पंचायतों का पानी दूषित हो चुका है. इनमें बचारा -1 (उत्तर) पंचायत के बचारा (पूर्व) गांव के बचारा और बाजार टांड़ का पानी पीने लायक नहीं रहा. बचारा (पूर्व) गांव के सीसीएल बस्ती में भी पानी में फ्लोराइड घुल चुका है. बहेरा पंचायत में स्थित कारो गांव के हरिजन टोला का पानी भी दूषित हो चुका है.
फ्लोराइड की वजह से गर्दन, पीठ, कंधे व घुटनों में दर्द रहता है. जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है. कैंसर के साथ-साथ गुर्दे की बीमारी और बांझपन जैसी समस्या बढ़ जाती है. स्मरण शक्ति कमजोर हो जाता है. विकसित देशों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा 0.5 मिलीग्राम प्रति लीटर तक मान्य है, जबकि भारत में यह 1.0 मिलीग्राम निर्धारित है.
पानी में फ्लोराइड की अधिक मात्रा का दंश गढ़वा का प्रतापपुर गांव झेल रहा है. यहां कई लोग बिस्तर पर पड़े हैं और अपनी मौत का इंतजार कर रहे हैं. ये चलने-फिरने में अक्षम हैं. इनके हाथ-पैर टेढ़े हो गये हैं. लोगों की हड्डियां कमजोर हो गयीं हैं. हड्डियां टूट रही हैं. बच्चों के दांत पीले हो गये हैं.
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By Mithilesh Jha
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