Jharkhand: ED ने राज्य सरकार को लिखा पत्र, इंजीनियर बीरेंद्र राम की संपत्ति और टेंडर निबटारा का मांगा ब्योरा
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 25 Feb 2023 7:10 AM
ईडी ने सरकार को पत्र भेज कर यह जानना चाहा है कि बीरेंद्र राम ने अपने कार्यकाल के दौरान संपत्ति का ब्योरा दिया है या नहीं? अगर उसने राज्य सरकार को अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया हो, तो उसे जांच के लिए ईडी को उपलब्ध कराया जाये.
रांची, शकील अख्तर : इडी ने राज्य सरकार से ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम की संपत्ति, निबटाये गये टेंडर और सरकारी बंगला आवंटन और सर्विस से संबंधित ब्योरा मांगा है. इसके लिए संबंधित विभाग के सचिवों को पत्र लिखा गया है. इडी ने सरकार को पत्र भेज कर यह जानना चाहा है कि बीरेंद्र राम ने अपने कार्यकाल के दौरान संपत्ति का ब्योरा दिया है या नहीं? अगर उसने राज्य सरकार को अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया हो, तो उसे जांच के लिए इडी को उपलब्ध कराया जाये. इडी ने ग्रामीण विकास विभाग, आरइओ और जल संसाधन विभाग को पत्र लिख कर कार्यपालक अभियंता व मुख्य अभियंता की हैसियत से उसके द्वारा निबटाये गये टेंडरों और भुगतान के लिए दिये गये आदेश का विस्तृत ब्योरा मांगा है. क्योंकि वह 2018 तक ग्रामीण विकास विभाग के अलावा चांडिल प्रमंडल के भी प्रभार में रहा है. इडी ने चांडिल प्रमंडल से हटाये जाने के बाद बंगला खाली कराने के लिए की गयी कार्रवाई से संबंधित सभी पत्रों की प्रतिलिपि भी मांगी है.
इडी ने सरकारी कामकाज के दौरान उसके खिलाफ लगे आरोपों और कार्रवाई से संबंधित ब्योरा भी मांगा है, ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि भ्रष्टाचार में लिप्त रहने के बावजूद उसके खिलाफ सरकार के स्तर से कार्रवाई की गयी थी या नहीं?
ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम से इडी के अधिकारियों ने शुक्रवार को लंबी पूछताछ की. उसे बिरसा मुंडा जेल से दोपहर 1:00 बजे इडी कार्यालय लाया गया. बुधवार को अदालत ने बीरेंद्र राम को पांच दिनों की रिमांड पर दिया. पहले दिन इडी के अधिकारियों ने बीरेंद्र राम से छापेमारी के दौरान मिले रुपये, दस्तावेज, गहने और काली कमाई के बारे में पूछताछ की.
ग्रामीण कार्य विभाग ने विशेष प्रमंडल के मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम को सस्पेंड करने की अनुशंसा कर दी है. विभाग ने इडी द्वारा बीरेंद्र राम को गिरफ्तार किये जाने की सूचना उनके पैतृक विभाग को जल संसाधन को दी है. साथ ही उनके विरुद्ध आगे की कार्रवाई करने को लिखा है. श्री राम विशेष प्रमंडल के साथ ही ग्रामीण कार्य विभाग के भी मुख्य अभियंता के प्रभार में हैं. दो दिन पहले उन्हें इडी ने गिरफ्तार किया है.
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ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम ने जमशेदपुर स्थित सिंचाई विभाग के बंगले पर अवैध कब्जा बरकरार रखने के लिए एक बड़े अधिकारी को बतौर रिश्वत 10 लाख रुपये दिये थे. बीरेंद्र राम पर नजर रखने के दौरान रिकॉर्ड किये गये फोन कॉल से इसकी पुष्टि हुई है. इडी को फिलहाल इस अफसर की तलाश है.
बीरेंद्र राम की जांच-पड़ताल के दौरान इडी ने उसका फोन सर्विलांस पर रखा था. इस दौरान उसने जमशेदपुर स्थित सरकारी बंगले पर अपना कब्जा जमाये रखने के सिलसिले में भी अपने सहयोगियों से बीतचीत की थी. उसने बताया था कि विभाग से उसे सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस मिला था. लेकिन, 10 लाख घूस देने के बाद बंगला खाली कराने की सरकारी कार्रवाई बंद कर दी गयी. बातचीत के दौरान उसने किसी अफसर का नाम लिया था. अब इडी के अधिकारी उस अफसर की तलाश कर रहे हैं.
सिंचाई विभाग का बंगला (ईसी/1, रोड नंबर-7, सीएच एरिया ईस्ट, जुबली पार्क के नजदीक, बिष्टुपुर, जमशेदपुर) मुख्य अभियंता चांडिल प्रमंडल के लिए कर्णांकित है. बीरेंद्र राम को मुख्य अभियंता बनने के बाद यह बंगला मिला. वर्ष 2018 में जल संसाधन विभाग ने उसे चांडिल सिंचाई प्रमंडल के मुख्य अभियंता के पद से हटा दिया. हालांकि, वह विभाग के सरकारी बंगले पर काबिज रहा. बाद में विभाग के स्तर से उसे बंगला खाली करने का नोटिस दिया गया. हालांकि, उसने 10 लाख रुपये रिश्वत देकर मामले को दबा दिया.
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