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झारखंड के 12.93 लाख किसानों का कर्ज होगा माफ, किसानों के खातों में ऐसे ट्रांसफर होगा पैसा

Updated at : 15 Dec 2020 8:54 AM (IST)
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रांची (बिपिन सिंह) : झारखंड में करीब 12.93 लाख किसानों का कर्ज माफ होगा. पहले चरण में किसान क्रेडिट कार्ड से फसली ऋण लेने वाले छोटे, मंझोले व सीमांत किसानों द्वारा लिये गये 50 हजार तक के ऋण माफ करने पर विचार चल रहा है. कर्ज माफी के लिए किसान को प्रज्ञा केंद्र या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी सेंटर) पर आवेदन करना होगा. उसकी पहचान सत्यापित होते ही कर्ज माफी का पैसा ट्रांसफर कर दिया जायेगा. प्रस्ताव के मुताबिक कर्ज माफी की राशि में से सिर्फ ब्याज का पैसा ही बैंक द्वारा वापस लिया जायेगा. शेष रकम केसीसी खाते में मौजूद रहेगी. ज्ञात हो कि किसानों की कर्ज माफी के लिए राज्य सरकार ने 2000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है.

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रांची (बिपिन सिंह) : झारखंड में करीब 12.93 लाख किसानों का कर्ज माफ होगा. पहले चरण में किसान क्रेडिट कार्ड से फसली ऋण लेने वाले छोटे, मंझोले व सीमांत किसानों द्वारा लिये गये 50 हजार तक के ऋण माफ करने पर विचार चल रहा है. कर्ज माफी के लिए किसान को प्रज्ञा केंद्र या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी सेंटर) पर आवेदन करना होगा. उसकी पहचान सत्यापित होते ही कर्ज माफी का पैसा ट्रांसफर कर दिया जायेगा. प्रस्ताव के मुताबिक कर्ज माफी की राशि में से सिर्फ ब्याज का पैसा ही बैंक द्वारा वापस लिया जायेगा. शेष रकम केसीसी खाते में मौजूद रहेगी. ज्ञात हो कि किसानों की कर्ज माफी के लिए राज्य सरकार ने 2000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है.

करीब 13 लाख किसानों में से आठ लाख किसानों का डाटा झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, एसबीआइ और बीओआइ के पास है. इधर 29 दिसंबर को सांकेतिक तौर पर ही कुछ किसानों के खाते में राशि ट्रांसफर की जायेगी, क्योंकि राज्य सरकार इस योजना को सफलतापूर्वक पूरा करना चाहती है.

कर्ज माफी पर राहत के तौर पर फिलहाल कुछ चुनिंदा किसानों को ही राहत दी जा सकेगी. इसके पीछे की वजह यह है कि सॉफ्टवेयर आधारित यह सिस्टम तैयार नहीं किया जा सका है. अभी किसानों के दस्तावेजों का बैंक और सरकार के स्तर पर सत्यापन चल रहा है.

राज्य में 12.93 लाख केसीसी एकाउंट में से महज 6.60 लाख खाते ही आधार से लिंक हैं. कर्ज माफी का पैसा ट्रांसफर होने के पहले ऐसे सभी खातों को आधार से लिंक किया जा रहा है. बैंकों की आउटस्टैंडिंग के तौर पर ऋण व उसका ब्याज मिलाकर झारखंड के किसानों पर करीब 5000 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है.

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फसल ऋण-माफी में एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) श्रेणी वाले किसानों को फिलहाल राहत नहीं मिलेगी. हालांकि, योजना में एनपीए खाते को लेकर गंभीर मंथन जरूर चल रहा है. बैंक स्तर पर ऐसे किसानों की आर्थिक मदद को लेकर आकलन किया जा रहा है. संभव है अगले वित्तीय वर्ष में इस बात को लेकर स्थिति कुछ स्पष्ट हो.

राज्य सरकार आवेदन करने वाले किसान के रेवेन्यू रिकॉर्ड, आधार नंबर और बैंक खाता नंबर को सही पाकर पूर्व के लोन, उसकी वर्तमान स्थिति, री-पेमेंट और ऐसी अन्य जानकारी सत्यापित कर संबंधित किसान की पूरी पहचान की जायेगी. राज्य सरकार की ओर से सीएससी के द्वारा सत्यापित करने के बाद ही फंड ट्रांसफर किया जायेगा, इसके लिए जिले के उपायुक्तों को भी अधिकार दिये जायेंगे.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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