चुनाव होने तक पंचायती राज व्यवस्था के लिए समूह या समिति गठित कर सकती है सरकार

पंचायत चुनाव नहीं होता तब तक के लिए पंचायती राज व्यवस्था के संचालन के लिए सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करेगी
jharkhand panchayat chunav, Alamgir Alam on on panchayat election रांची : ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री आलमगीर आलम ने कहा है कि जब तक पंचायत चुनाव नहीं हो जाता है, तब तक के लिए पंचायती राज व्यवस्था के संचालन के लिए सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करेगी. इसके तहत हर पंचायत में समूह या समिति के गठन का विचार किया जा रहा है. इस समूह या समिति में पंचायती राज व्यवस्था में काम कर चुके जनप्रतिनिधियों को ही शामिल किया जायेगा.
मंत्री ने कहा कि यह प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी हाल में पंचायतों में विकास की योजनाएं प्रभावित नहीं हो. उन्होंने कहा कि कार्यकाल को विस्तार देने का कोई प्रावधान नहीं है. ऐसे में इस विकल्प पर विचार-विमर्श किया जा रहा है. जल्द ही रास्ता निकल जायेगा. उन्होंने कहा कि कोविड महामारी की वजह से चुनाव नहीं हो पा रहे हैं. छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में भी पंचायत चुनाव का कार्यकाल खत्म हो रहा है. वहां भी चुनाव नहीं हो पायेंगे.
झारखंड मुखिया संघ ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री को ज्ञापन देकर कार्यकाल में बढ़ोतरी करने की मांग की है. साथ ही यह भी लिखा है कि मध्य प्रदेश की तर्ज पर चुनाव होने तक उन्हें भी व्यवस्था संचालन का जिम्मा दिया जाये. ज्ञापन के साथ मध्यप्रदेश में चलायी जा रही व्यवस्था की भी कॉपी दी गयी है. इसमें कहा गया है कि वहां प्रशासकीय समिति का गठन किया गया है. इसमें पंचायत प्रतिनिधियों को ही रखा गया है.
इधर जिला परिषद अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, सदस्यों, प्रमुखों और उप प्रमुखों की ओर से भी या मांग उठ रही है कि या तो सरकार समय से पंचायत चुनाव कराये या उन्हें समिति के माध्यम से व्यवस्था चलाने की शक्ति दे. इनकी ओर से कहा जा रहा है कि झारखंड पंचायत राज अधिनियम की धारा 107 में इसका उल्लेख है कि प्रशासकीय समिति का गठन करके निर्धारित अवधि तक पंचायती राज व्यवस्था का संचालन किया जा सकता है.
राज्य निर्वाचन आयोग में आयुक्त का पद खाली है. सरकार जल्द इसे भरने की प्रक्रिया शुरू भी करती है, तो चुनावी तैयारी में समय लगेगा. वोटर लिस्ट व अन्य व्यवस्थाएं करनी होंगी़ ऐसे में झारखंड में पंचायत और निकाय चुनाव जून 2021 से पहले संभव नहीं हैं.
झारखंड हाइकोर्ट के अधिवक्ता सुमित गाडोदिया ने कहा कि पंचायत चुनाव प्रत्येक पांच वर्ष के लिए होता है. कार्यकाल समाप्त होने के पूर्व चुनाव करा लेने का प्रावधान है. वर्तमान कानून में पंचायत को एक्सटेंशन देने का प्रावधान नहीं है. उनके मुताबिक इतना ही नहीं एडहॉक कमेटी बना कर पंचायत का संचालन भी नहीं किया जा सकता है. अब यदि सरकार कानून में संशोधन करना चाहती है, तो उसे यह अधिकार है.
posted by : sameer oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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