गुलजार ने विभाजन पर अंग्रेजी में लिखा उपन्यास
Updated at : 30 Nov 2017 3:05 PM (IST)
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नयी दिल्ली : मशहूर गीतकार गुलजार अब अंग्रेजी भाषा में अपना पहला उपन्यास लेकर आ रहे हैं और उनका यह उपन्यास विभाजन के बाद शरणार्थियों के हालात पर आधारित है. टू नाम के इस उपन्यास को मूल रूप से उर्दू में लिखा गया है जो गुलजार साहब के लेखन का माध्यम है. उन्होंने कहा, उस […]
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नयी दिल्ली : मशहूर गीतकार गुलजार अब अंग्रेजी भाषा में अपना पहला उपन्यास लेकर आ रहे हैं और उनका यह उपन्यास विभाजन के बाद शरणार्थियों के हालात पर आधारित है. टू नाम के इस उपन्यास को मूल रूप से उर्दू में लिखा गया है जो गुलजार साहब के लेखन का माध्यम है.
उन्होंने कहा, उस समय इसमें पंजाब के इलाके में बोले जाने वाली पंजाबी, सराइकी और अन्य बोलियों में कई शब्द और वाक्यांश शामिल थे. विभाजन के बाद पंजाब पाकिस्तान बन गया. गुलजार का जन्म झेलम शहर के दीना में हुआ था. दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित गुलजार ने कहा कि इस उपन्यास का अंग्रेजी में अनुवाद करना थोडा मुश्किल था.
उनके दो दोस्तों सुक्रिता पॉल और शांतनु रे चौधरी ने इसका अनुवाद करने की कोशिश की थी लेकिन गुलजार उससे खुश नहीं थे.
इसके बाद उन्होंने खुद इसका अनुवाद करने का फैसला किया. उन्होंने कहा, आपको शायद इसमें उत्तम या उचित अंग्रेजी ना मिले लेकिन आपको शरणार्थियों की कहानियां मिलेगी. सुक्रिता द्वारा अनुदित कई पंक्तियां इसमें हैं. ऐसे ही शांतनु की भी कई अनुदित पंक्तियां हैं .
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