बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला नया नहीं है. जब से देश स्वाधीन हुआ, हिंदुओं पर अटैक बहुत बार हुए हैं, तभी तो देश की स्वाधीनता के समय हिंदू 30 प्रतिशत थे और अब मात्र आठ प्रतिशत शेष हैं. मैंने अपने नाॅवेल लज्जा में भी हिंदुओं पर हुए अटैक का जिक्र किया है, किस तरह बाबरी मस्जिद टूटने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हुआ और सरकार ने कुछ नहीं किया. तो मेरा कहना यह है कि हिंदुओं पर अत्याचार बांग्लादेश में हमेशा से रहे हैं, कुछ कट्टर पंथी लोग हिंदुओं को निशाने पर रखते हैं. जब 1947 में देश का भाग हुआ, उस वक्त भी खूब दंगे हुए थे. जहां तक बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अटैक का सवाल है, तो सच्चाई यह है कि विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने अपने फायदे के लिए धर्म का इस्तेमाल किया और इसकी वजह से ही देश में हिंदुओं पर अटैक हुए.