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PHOTOS: झारखंड के सहायक पुलिस कर्मियों को मिलेगा दो साल का एक्सटेंशन, सीएम हेमंत सोरेन ने की घोषणा

Updated at : 18 Aug 2023 7:25 PM (IST)
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PHOTOS: झारखंड के सहायक पुलिस कर्मियों को मिलेगा दो साल का एक्सटेंशन, सीएम हेमंत सोरेन ने की घोषणा

पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में आयोजित प्रमंडलीय रोजगार मेले में सीएम हेमंत सोरेन ने विभिन्न संस्थानों/ कंपनियों के लिए चयनित 10,020 अभ्यर्थियों को ऑफर लेटर सौंपा. इस मौके पर कहा कि राज्य की सवा तीन करोड़ आबादी की सेवा करने के लिए सरकार संकल्पित है.

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राज्य के सहायक पुलिस कर्मियों को दो साल की अवधि विस्तार देने की घोषणा

Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सहायक पुलिस कर्मियों को दो साल की अवधि विस्तार देने की घोषणा की. सीएम ने चाईबासा में आयोजित प्रमंडलीय रोजगार मेले में ऑफर लेटर वितरण समारोह को संबोधित करने के दौरान इस बात की घोषणा की. कहा कि सहायक पुलिस कर्मियों के भविष्य को लेकर सरकार चिंतित है और इस दिशा में जल्द ठोस निर्णय लिए जाएंगे. राज्य की सवा तीन करोड़ की आबादी की सेवा करने का सरकार ने संकल्प ले रखा है. इस दिशा में काफी कम समय में हमने कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जो राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं. जन कल्याण से जुड़ी योजनाएं अब धरातल पर उतर रही है और उसका असर भी दिख रहा है.

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चारों ओर से रोजगार के दरवाजे खुल चुके हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में चारों ओर से रोजगार के दरवाजे खुल चुके हैं. इस कड़ी में पढ़े-लिखे एवं कम पढ़े- लिखे तथा निरक्षर लोगों के लिए रोजगार की कई योजनाएं चल रही हैं. वहीं, जो स्वरोजगार के इच्छुक हैं, उन्हें मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत आर्थिक मदद कर रहे हैं.

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प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारियों व कोचिंग करने के लिए भी दे रहे सरकारी मदद

उन्होंने कहा कि हम सिर्फ युवाओं को रोजगार नहीं दे रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग और लॉ जैसे कोर्सेज करने के लिए सरकारी मदद भी कर रहे हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत युवाओं को अपने प्रखंड में ही कौशल विकास का नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के लिए बिरसा केंद्र खोला गया है. विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए सरकार शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप दे रही है. अत्यंत संवेदनशील आदिवासी समुदाय के युवक-युवतियों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए नि:शुल्क आवासीय कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया गया है. ऐसी कई और भी योजनाएं हैं जो आपके भविष्य को बनाने के लिए सरकार ने शुरू की है.

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सरकारी हो या निजी क्षेत्र, आपके लिए कई मौके

सीएम ने कहा कि एक ओर सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर बड़े पैमाने पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, तो वहीं निजी क्षेत्र में भी यहां के आदिवासियों- मूलवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने नियम बनाए हैं. कहा कि अब राज्य में कार्यरत निजी संस्थानों और कंपनियों में 40 हजार रुपये प्रति माह तक की नौकरियों में यहां के आदिवासियों- मूलवासियों को 75 प्रतिशत रोजगार देना अनिवार्य होगा. यह कानून बनने के बाद आज पहली बार कोल्हान की धरती से एक साथ 10,020 युवाओं को ऑफर लेटर मिलना राज्य के लिए मील का पत्थर है. कहा कि यह जानकर भी बहुत खुशी हुई कि इसमें लगभग 9500 आदिवासी- मूलवासी हैं और इनमें 80 प्रतिशत आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के युवा हैं. यह सिलसिला आगे भी चलेगा और बड़े पैमाने पर यहां के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगे.

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राज्य की जनता के बेहतर जीवन के लिए बेहतर व्यवस्था देने का प्रयास

उन्होंने कहा कि आप मजबूत होंगे, तो आपके घर- परिवार में सुख समृद्धि आएगी. जब आपका परिवार खुशहाल होगा, तो राज्य भी सशक्त और मजबूत बनेगा. इसी सोच के साथ सरकार आपको अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए आपके साथ खड़ी है. इस दिशा में संसाधनों का बेहतर प्रयोग करने के लिए कार्य नीति बनाई गई है. हमारा संकल्प है कि राज्य की जनता को बेहतर जीवन के लिए बेहतर व्यवस्था दे सकें.

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लड़कर राज्य लिए हैं, लड़कर हक- अधिकार लेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने लंबा संघर्ष कर झारखंड अलग राज्य लिया है. अब लड़कर अपना हक-अधिकार भी लेंगे. कहा कि मैं भी आपके बीच से ही आया हूं, इसलिए आपकी समस्याओं से भली-भांति वाकिफ हूं. ऐसे में आपकी उम्मीदों के अनुरूप योजनाओं को बनाकर उसे धरातल पर उतार रहे हैं. जब से हमारी सरकार बनी है, तब से कई चुनौतियों हमारे सामने आयी, लेकिन इन तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए आज हम राज्य को एक नई दिशा दे रहे हैं.

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आदिवासी बहुल राज्य होने के बाद भी आदिवासी होते रहे दरकिनार

उन्होंने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है. लेकिन, अलग राज्य बनने के 20 साल तक आदिवासियों के हितों को दरकिनार किया जाता रहा. जब हमारी सरकार बनी, तो आदिवासियों को विकास से जोड़ने के लिए कई योजनाएं शुरू की. आदिवासी कला- संस्कृति और परंपरा को अलग पहचान मिले, इसलिए आदिवासी महोत्सव का भव्य आयोजन शुरू किया गया. उन्होंने आदिवासियों से कहा कि वे एकजुट हो और अपनी ताकत दिखाएं, तभी वे मजबूत बनेंगे और आगे बढ़ेंगे.

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इनकी रही उपस्थिति

इस अवसर पर मंत्री आलमगीर आलम, चंपई सोरेन, सत्यानंद भोक्ता, जोबा मांझी और बन्ना गुप्ता, सांसद गीता कोड़ा, विधायक सुखराम उरांव, निरल पूर्ति, सविता महतो, दीपक बिरुवा, सोनाराम सिंकू, मंगल कालिंदी, समीर मोहंती, संजीव सरदार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, श्रम सचिव राजेश शर्मा, प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे.

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Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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