बिहार में इन अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, बताना होगा दाखिल- खारिज अस्वीकृत करने का कारण
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Mar 2023 1:45 AM
सरकार ऐसी व्यवस्था ला रही है जिसमें दाखिल- खारिज अस्वीकृत करने का कारण भी अंचलाधिकारियों को 50 शब्दों में बताना होगा. आलोक मेहता ने कहा कि दाखिल खारिज के 99 लाख 90 हजार 134 आवेदन आये. इसमें से 90 लाख 27 हजार 303 निष्पादित हुये.
पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा है कि राज्य के सरकारी भवनों के अलावा अन्य अवैध कार्यालय चलाने वाले अंचलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई होगी. वे बुधवार को विधान परिषद की पहली पाली में कांग्रेस के डॉ समीर कुमार सिंह के अल्पसूचित प्रश्न का उत्तर दे रहे थे. डॉ समीर कुमार सिंह ने पटना जिला के नौबतपुर में जमीन नापी में परेशानी का मामला उठाया था. साथ ही नाजायज क्लर्कों से अंचल कार्यालयों में काम की चर्चा की.
इस पर मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा कि अवैध कार्यालयों के खिलाफ कई छापेमारियां हो चुकी हैं, लगातार कार्रवाई हो रही है. राजस्व विभाग के अधिकारियों के पास न्यायिक शक्तियां हैं. किसी भी आपत्ति पर वे कार्रवाई करते हैं. मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा कि सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे एक से दो महीने में ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन सहित किसी भी सरकारी भवन में लोगों के लिए उपलब्ध रहें.
जदयू के संजीव श्याम सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा कि पटना जिला के दानापुर के अंचलाधिकारी और कर्मचारी सहित अन्य कर्मियों को गलत दाखिल- खारिज करने का आरोपित मानकर उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया है. दोषी पाये जाने पर कार्रवाई होगी. इससे पहले इस प्रश्न के जवाब में मंत्री आलोक मेहता किसी दूसरे प्रश्न का उत्तर देने लगे थे. इस पर जदयू के नीरज कुमार सहित अन्य सदस्यों ने उन्हें टोकते हुए कहा कि यह गलत जवाब आ गया है किसी अन्य प्रश्न का जवाब है. इसके बाद मंत्री आलोक मेहता ने फिर से इस प्रश्न का जवाब दिया.
जदयू के प्रो गुलाम गौस के तारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री आलोक मेहता ने कहा कि नवादा, हिसुआ सहित अन्य जगहों की जमीन का विशेष सर्वेक्षण हो रहा है. इससे जमीन विवाद का अधिकांश समाधान 2024 तक हो जायेगा. जदयू के राम वचन राय के ध्यानाकर्षण के माध्यम से सिवान जिला के महाराजगंज में स्वतंत्रता सेनानी तारारानी का स्मारक बनाने पर मंत्री आलोक मेहता ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव पारित हो चुका है.
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जदयू के संजीव श्याम सिंह के एक अन्य अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था ला रही है जिसमें दाखिल- खारिज अस्वीकृत करने का कारण भी अंचलाधिकारियों को 50 शब्दों में बताना होगा. उन्होंने कहा कि दाखिल खारिज के 99 लाख 90 हजार 134 आवेदन आये. इसमें से 90 लाख 27 हजार 303 निष्पादित हुये. आपत्ति के बाद 36 लाख 49 हजार 620 आवेदन खारिज हुये. उन्होंने त्वरित दाखिल खारिज के लिए पहले आओ, पहले पाओ और ऑड-इवेन प्रक्रिया शुरू की गयी है.
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