बिहार में शराब मामले के कैदी जमानत पर होंगे रिहा? जानें सुप्रीम कोर्ट में हैरान होकर जजों ने क्यों जताई चिंता
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 24 Jan 2023 2:20 PM
Bihar News: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा है कि जब तक बुनियादी ढांचा नहीं बन जाता, तब तक के लिए सभी आरोपितों को जमानत क्यों न दे दी जाए?. शीर्ष अदालत ने कहा कि वह शराबबंदी अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए सभी पहलुओं पर विचार करेगी.
पटना. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शराब मामले में सुनवाई करते हुए अहम टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार शराबबंदी एवं आबकारी अधिनियम के तहत आने वाले मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत के अवसरंचना स्थापित करने में सात साल की देरी पर सोमवार को नाराजगी जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा है कि जब तक बुनियादी ढांचा नहीं बन जाता, तब तक के लिए सभी आरोपितों को जमानत क्यों न दे दी जाए?. शीर्ष अदालत ने सवाल किया कि क्यों नहीं सरकार अदालतों के लिए अपनी इमारतें खाली कर देती.
शीर्ष अदालत ने कहा कि वह शराबबंदी अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए सभी पहलुओं पर विचार करेगी. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ ने कहा कि साल 2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू किया गया. लेकिन कई साल का समय बीत जाने के बावजूद राज्य सरकार ने विशेष अदालतों के गठन के लिए अबतक जमीन का आवंटन तक नहीं करा सकी है. बिहार में शराबबंदी कानून के कारण अदालतों पर पड़ रहे बोझ का हवाला देते हुए पीठ ने कहा कि शराबबंदी कानून के तहत 3.78 लाख से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं.
Also Read: Karpuri Thakur Jayanti: गरीबों की आवाज बन कर उभरे थे कर्पूरी ठाकुर, जीतने के बाद कभी नहीं हारे विधानसभा चुनाव
अभी तक केवल 4,000 से अधिक का ही निस्तारण किया गया है, जो एक बड़ी समस्या है. न्यायालय ने कहा कि यही समस्या है. आपने न्यायापलिका की अवसंरचना और समाज पर पड़ने वाले असर को देखे बिना कानून पारित कर दिया. कोर्ट ने यह भी कहा है कि आप क्यों नहीं समझौते को प्रोत्साहित करते. शीर्ष अदालत वर्ष 2016 में लागू शराबबंदी कानून से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही है. पीठ ने कहा कि जहां तक शराब के सेवन के लिए जुर्माना लगाने का प्रावधान है, यह ठीक है, लेकिन इसका संबंध कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा अभियुक्तों को सजा देने की शक्ति से है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










