चितरंजन लोको के अफसर रवि शेखर सिन्हा के 17 ठिकानों पर छापेमारी, सोना समेत एक सौ 22 करोड़ रुपये मिला नकद

Updated at : 12 Feb 2022 9:41 AM (IST)
विज्ञापन
चितरंजन लोको के अफसर रवि शेखर सिन्हा के 17 ठिकानों पर छापेमारी, सोना समेत एक सौ 22 करोड़ रुपये मिला नकद

सीबीआई की टीम चितरंजन में इंतजार कर रही थी, जहां सिन्हा को रिश्वत की राशि पहुंचायी जानी थी और उन्हें 1.80 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया.

विज्ञापन

पटना. सीबीआइ ने चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स के प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक (पीसीएमएम) रवि शेखर सिन्हा को 1.80 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है और उनके विभिन्न परिसरों की तलाशी के दौरान 1.22 करोड़ कैश बरामद किया हैं. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में 1986 बैच के आइआरएसएस अधिकारी रवि शेखर सिन्हा के अलावा पांच अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद सिन्हा के दिल्ली, पंचकूला, चंडीगढ़, वाराणसी और पश्चिम बंगाल के चितरंजन समेत 17 ठिकानों पर छापेमारी की गयी.

इन शहरों में संपत्ति होने का मिला दस्तावेज

इस दौरान लगभग 1.22 करोड़ रुपये, लगभग आधा किलो सोना और दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, हैदराबाद, पटना और रांची में स्थित संपत्तियों के बारे में दस्तावेज प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक के परिसरों से बरामद किये गये. जांच एजेंसी के प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया, ‘‘अन्य आरोपितों के परिसरों से करीब 32 लाख रुपये नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किये गये हैं. एजेंसी को जानकारी मिली थी कि चंडीगढ़ स्थित इसी ब्लेड्स एंड टूल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों-सोनू अरोड़ा और राजन गुप्ता ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर कथित रूप से ठेका देने के बदले में अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए साजिश कर रहे हैं और अवैध रूप से बिलों का भुगतान कर रहे हैं.

सीबीआई ने की कार्रवाई

इसके बाद सीबीआई ने सिन्हा, अरोड़ा, गुप्ता और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था. आरोपितों ने कथित तौर पर अपनी कंपनी के लिए अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए पीसीएमएम सहित वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ बात करने के लिए कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर एक अन्य कंपनी के एक व्यक्ति को नियुक्त किया. आरोप है कि निदेशकों ने सिन्हा को पहले दिये गये ठेके की ऑर्डर राशि बढ़ाने के लिए राजी किया था. जांच एजेंसी के प्रवक्ता आरसी जोशी ने कहा, ‘‘यह भी आरोप लगाया गया कि लोक सेवक ने आपूर्ति आदेश में मात्रा बढ़ा दी और उक्त प्रतिनिधि के माध्यम से रिश्वत की मांग की.

Also Read: Bihar: पीएमसीएच को वर्ल्ड क्लास का हॉस्पिटल बनाने का काम तेज, नौ मंजिले भवन की छत पर उतरेगा एयर एंबुलेंस
एक लाख 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार

अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई की टीम चितरंजन में इंतजार कर रही थी, जहां सिन्हा को रिश्वत की राशि पहुंचायी जानी थी और उन्हें 1.80 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया. प्रवक्ता ने बताया, ‘‘अन्य सभी आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया गया. निजी कंपनी के दोनों गिरफ्तार निदेशकों को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया और उन्हें तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. जोशी ने बताया कि अन्य आरोपितों को सक्षम अदालतों में पेश किया गया और उन्हें चंडीगढ़ की सक्षम अदालत में आगे पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड दिया गया है.

पटना में भी अवैध संपत्ति

बरामद संपत्ति के दस्तावेजों की जांच में यह पता चला कि पटना में भी रवि शेखर सिन्हा की अवैध संपत्ति है. फिलहाल सीबीआइ गहन छानबीन करने में जुटी है. इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पायेगा कि पटना में इनकी अवैध संपत्ति कहां-कहां पर है. संभावना है कि पटना में सभी अवैध संपत्ति की जांच के लिए टीम यहां आ सकती है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन