Jharkhand Election Result 2024: लोकतंत्र की अग्नि परीक्षा में हेमंत अव्वल
Published by : Ashutosh Chaturvedi Updated At : 24 Nov 2024 7:38 AM
हेमंत सोरेन ने अपनी स्टार कैंपेनर का इस तरह से किया स्वागत.
Jharkhand Election Result 2024 : हेमंत सोरेन से जनता की भारी अपेक्षाएं हैं और उनके समक्ष इन पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती है. जनता की अपेक्षा है कि हेमंत सोरेन प्रभावी और साफ सुथरा प्रशासन देंगे. जल, जंगल, जमीन में झारखंड की आत्मा बसती है, उनके सामने इसे सहेजने का अवसर है.
Jharkhand Election Result 2024 : झारखंड की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है और एक बार फिर झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन को राज्य की बागडोर सौंप दी है. यह अपने आप में ऐतिहासिक है, क्योंकि झारखंड गठन के बाद पहली बार कोई सरकार पूर्ण बहुमत के साथ वापसी कर रही है. हेमंत सोरेन को जनता ने ऐसा बहुमत सौंपा है, जो इसके पहले किसी अन्य गठबंधन को हासिल नहीं हुआ है. निश्चित तौर पर झारखंड के आदिवासी समुदाय और हाशिए पर छूटे लोगों ने हेमंत सोरेन पर पूरा भरोसा जताया है. उनकी जीत में मंईयां योजना, बिजली बिल माफी और कृषि ऋण माफी का असर भी नजर आता है.
हेमंत सोरेन से जनता की भारी अपेक्षाएं हैं और उनके समक्ष इन पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती है. जनता की अपेक्षा है कि हेमंत सोरेन प्रभावी और साफ सुथरा प्रशासन देंगे. जल, जंगल, जमीन में झारखंड की आत्मा बसती है, उनके सामने इसे सहेजने का अवसर है. इस बार विपक्ष खास कर भाजपा बहुत कमजोर है, लेकिन लोकतंत्र में विपक्ष की एक अहम भूमिका होती है. उम्मीद है कि विपक्ष राज्य के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाएगा. यह हम सब जानते हैं कि आज झारखंड को जहां होना चाहिए था, वह वहां नहीं है. 24 साल में विकास की जो रफ्तार होनी चाहिए थी, वैसी नहीं रही है. लोगों को उम्मीद है कि हेमंत झारखंड के विकास को नयी रफ्तार देंगे. आम आदमी की तीन बुनियादी जरूरतें हैं- बिजली, पानी और सड़क. इन तीनों क्षेत्रों में अभी बहुत काम करना बाकी है.
प्रकृति झारखंड पर मेहरबान रही है. प्रकृति ने इतना खनिज देश के किसी अन्य राज्य को नहीं दिया है. इन खनिजों का दोहन तो होता है, लेकिन इसका पूरा लाभ न तो राज्य को मिल पाता है और न ही यहां के लोगों को. इन खनिजों पर आधारित उद्योग झारखंड में लगे, तभी राज्य को लाभ मिल पाएगा. झारखंड के बड़े हिस्से में सिंचाई की सुविधा नहीं है. सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से काम करना होगा.
झारखंड में सब्जी-फलों की अच्छी खेती होती है. यहां की सब्जी कोलकाता और मुंबई तक जाती है. पर इसका लाभ किसानों को न मिलकर बिचौलियों को मिलता है. कोल्ड स्टोरेज हों, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगें, तो किसानों का भाग्य बदल जायेगा. दो और अन्य क्षेत्र हैं-शिक्षा और स्वास्थ्य. राज्य के लोगों को पढ़ाई और चिकित्सा के लिए दक्षिण भारत जाना पड़ता है. अगर झारखंड को ही हेल्थ और एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जाये, तो राज्य की तस्वीर बदल सकती है.
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By Ashutosh Chaturvedi
मीडिया जगत में तीन दशकों से भी ज्यादा का अनुभव. भारत की हिंदी पत्रकारिता में अनुभवी और विशेषज्ञ पत्रकारों में गिनती. भारत ही नहीं विदेशों में भी काम करने का गहन अनुभव हासिल. मीडिया जगत के बड़े घरानों में प्रिंट के साथ इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का अनुभव. इंडिया टुडे, संडे ऑब्जर्वर के साथ काम किया. बीबीसी हिंदी के साथ ऑनलाइन पत्रकारिता की. अमर उजाला, नोएडा में कार्यकारी संपादक रहे. प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ एक दर्जन देशों की विदेश यात्राएं भी की हैं. संप्रति एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के सदस्य हैं.
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