बिहार में औद्योगिक विकास को गति
Published by : संपादकीय Updated At : 06 Jan 2026 6:20 AM
बिहार में औद्योगिक विकास को गति, एआई इमेज
Industrial Development in Bihar: नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में उद्योगों की स्थापना पर लगातार जोर दिया जा रहा है. राज्य में बीस नयी औद्योगिक इकाइयों को मिली भूमि आवंटन की मंजूरी इसी दिशा में एक और बड़ा कदम है.
Industrial Development in Bihar: बिहार में बीस नयी औद्योगिक इकाइयों को मिली भूमि आवंटन की मंजूरी औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है. इस फैसले से राज्य में निवेश का माहौल मजबूत होगा और रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे. इन स्वीकृत औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से बिहार में करीब 125.39 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जतायी गयी है. नयी औद्योगिक इकाइयां आइटी और आइटीएस (सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएं), खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्युटिकल्स और जनरल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हैं. बिहार अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहा, आधुनिक और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों में भी निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है.
नये उद्योगों के लिए भूमि आवंटन मुख्य रूप से पटना, गया, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया के औद्योगिक क्षेत्रों में किया गया है. यह भूमि प्लग एंड प्ले शेड के रूप में दी गयी है, यानी भवन, बिजली-पानी-सीवरेज कनेक्टिविटी तथा अन्य ढांचागत सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध हैं. इससे उद्योगों की स्थापना प्रक्रिया तेज होगी और उत्पादन जल्द शुरू किया जा सकेगा. बेहतर कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं वाले इन क्षेत्रों में नयी इकाइयां लगने से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेंगे और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा.
उम्मीद है कि आने वाले समय में और निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी जायेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में उद्योगों की स्थापना पर लगातार जोर दिया जा रहा है. विगत अगस्त में सरकार ने नये बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 को मंजूरी दी थी, जिसमें नये उद्यम स्थापित करने वाले उद्योगपतियों और निवेशकों को भूमि संबंधी रियायत, ऋण में छूट समेत कई प्रावधान शामिल हैं. सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क की घोषणा भी की जा चुकी है, जिसमें केंद्र सरकार की मदद से भारी निवेश होगा.
राज्य में डिफेंस कॉरिडोर बनाने की योजना है, जिससे देश की रक्षा जरूरतें पूरी होंगी, आत्मनिर्भरता बढ़ेगी तथा बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा. इसके अलावा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी की भी स्थापना की जायेगी, जो आइटी और वित्तीय क्षेत्र को बढ़ावा देंगे. बंद पड़ी चीनी मिलें खोलने और नयी मिलें शुरू करने की भी योजना है, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, रोजगार बढ़ेगा और पलायन रुकेगा.
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