15.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

India vs Australia 1st Test : हारने की जल्दीबाजी

!!अनुज कुमार सिन्हा!! लंबे समय के बाद भारतीय टीम टेस्ट मैच हारी. अफसोस इस बात का है कि ऑस्ट्रेलिया ने बहुत बुरे तरीके से हमारी टीम को हराया. 333 रन से हराना मामूली बात नहीं है. पांच दिन का टेस्ट सिर्फ तीन दिन में खत्म हो गया. टीम इंडिया दोनों पारी मिला कर सिर्फ 74 […]

!!अनुज कुमार सिन्हा!!

लंबे समय के बाद भारतीय टीम टेस्ट मैच हारी. अफसोस इस बात का है कि ऑस्ट्रेलिया ने बहुत बुरे तरीके से हमारी टीम को हराया. 333 रन से हराना मामूली बात नहीं है. पांच दिन का टेस्ट सिर्फ तीन दिन में खत्म हो गया. टीम इंडिया दोनों पारी मिला कर सिर्फ 74 ओवर खेल सकी, सिर्फ 444 गेंद में टीम इंडिया के बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने समेट दिया.

भारतीय टीम बिखर गयी. सिर्फ एक पारी में नहीं, दोनों पारियों में. यह तो स्कोर ही बताता है. पहली पारी में 105 रन और दूसरी पारी में 107 रन पर पूरी टीम पवेलियन में. बड़े-बड़े नाम नहीं चले. नहीं चले कोहली, रहाणे, पुजारा आदि. बल्लेबाजों ने गैर-जिम्मेदराना तरीके से बल्लेबाजी की. पहली पारी में अंतिम सात विकेट सिर्फ 11 रन पर खोना भारत को महंगा पड़ा. दूसरी पारी में बड़े स्कोर का दबाव दिखा. ओकीफ का आतंक दिखा. अगर दोनों पारियों की बात करें, तो निचले क्रम के छह खिलाड़ी दोनों पारियों में दो अंकों में भी रन नहीं बना सके. ऐसा खेल खेलेंगे, तो कैसे जीतेंगे.

ठीक है खेल है, इसमें हार-जीत होते रहती है. दुनिया की कितनी भी मजबूत टीम क्यों न हो, कोई भी टीम लगातार जीत नहीं सकती. यही भारत के साथ हुआ. लेकिन जिस तरीके से टीम इंडिया हारी, जिस तरीके से ऑस्ट्रेलिया के स्पिनरों के सामने घुटने टेक दिये, वह अखरने वाली है. कोई दिग्गज नहीं चला. मैच भारत में, विकेट भारत के अनुरूप यानी स्पिनरों का और उसमें कमाल दिखा दिया ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर ओकीफ ने. दोनों पारियों में छह-छह विकेट ले लिये, यानी मैच में 12 विकेट. यह कमाल दिखाने में भारतीय स्पिनर चूक गये. अपने ही जाल में (ऐसा विकेट बना कर) फंस गया भारत.

हाल के दिनों में भारतीय टीम दुनिया की सबसे मजबूत टीम के रूप में उभरी है. कोहली की कप्तानी में एक के बाद एक जीत इसका उदाहरण है. पिछली हर सीरीज से इसी कोहली ने हर सीरीज में दोहरा शतक जमाया था और टीम इंडिया जीतती रही थी. इस बार कोहली नहीं चले और इसका परिणाम भारत की बुरी हार. किसी एक खिलाड़ी पर इतना निर्भर रहना ठीक नहीं होता. हां, पिछले कुछ मैचों में ऐसे अवसर आये थे, जब ऊपरी क्रम के बल्लेबाज फेल हुए, तो छह, सात, आठ नंबर पर खेलनेवाले खिलाड़ियों ने बड़ा स्कोर बना कर बचा दिया था. इस मैच में ऐसा नहीं हुआ. ऊपर फेल, तो नीचे और भी बड़ा फेल.

टॉस हारने के बाद ही लग गया था कि भारत के लिए मैच आसान नहीं होगा. कुछ उम्मीद उस समय जग गयी, जब पहले दिन भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 260 पर रोक दिया. लेकिन दूसरे दिन जब भारतीय टीम 105 पर सिमट गयी और ऑस्ट्रेलिया को 155 रन की लीड मिल गयी, तो मैच का रिजल्ट भी उसी दिन निकल गया था. रहा-सहा कसर शतक जमा कर स्मिथ ने पूरा कर दिया. जिस विकेट पर एक-एक रन बनाना मुश्किल था, उस पर उसने 109 रन की पारी खेल भारत की उम्मीद खत्म कर दी थी. 441 रन बनाना तो असंभव ही था. हार तय हो चुकी थी. सिर्फ यह देखना था कि भारत कब मैच हारता है. चौथे दिन या पांचवें दिन. भारतीय खिलाड़ियों ने समय नहीं गंवाया. तय किया कि जब हारना ही है, तो जल्दी हारो. बगैर संघर्ष किये 33.5 ओवर में मैच हार गया. चौथे व पांचवें दिन मैदान में उतरने का हेडेक नहीं लिया.

ठीक है टीम इंडिया हार गयी. अब शोर मचाने से नहीं होगा. ओफीक का जो हौवा है, उसे खत्म करना होगा. इस हार को भूल कर नये सिरे से अगले टेस्ट में उतरना होगा. पहले भी भारत में नये स्पिनरों ने कहर बरपाया है. इसमें मेंडिस, मोंटी, रशीद आदि हैं, लेकिन एक बार जब भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें समझ लिया, अपने दिमाग से उनका भूत निकाल दिया, तो जम कर उनकी धुनाई की. कोहली की टीम में वह ताकत है, जज्बा है. मैच हारने के बाद अपनी कमियों को कोहली ने स्वीकारा, यह कम बड़ी बात नहीं है. भारतीय टीम वापसी करेगी, जरूर करेगी और यही कोहली की टीम का इतिहास भी बताता है.

Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel