21वीं सदी में डायन प्रथा
Updated at : 25 Jan 2017 6:07 AM (IST)
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भारत को आजाद हुए काफी समय हो चुका है और आज हम 21वीं सदी में जी रहे हैं. देश की उन्नति में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. देश में अनेकों देवियों की पूजा की जाती है, परंतु सोचने वाली बात यह है कि इसी देश में एक स्त्री को डायन बता कर उसको प्रताड़ित […]
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भारत को आजाद हुए काफी समय हो चुका है और आज हम 21वीं सदी में जी रहे हैं. देश की उन्नति में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. देश में अनेकों देवियों की पूजा की जाती है, परंतु सोचने वाली बात यह है कि इसी देश में एक स्त्री को डायन बता कर उसको प्रताड़ित किया जाता है और हत्या भी कर दी जाती है.
झारखंड में मांडर प्रखंड के कंजिया नामक गांव में लोगों ने पांच महिलाओं की हत्या कर दी क्योंकि लोगों को उन महिलाओं के डायन होने का शक था. शर्म की बात है कि हमारा सभ्य समाज एक स्त्री को डायन कह कर खुश हो जाता है तथा उसकी हत्या कर के खुद को सुरक्षित पाता है. सरकार तथा देश के प्रत्येक नागरिक को डायन प्रथा के विरोध में अपनी पहल करनी चाहिए.
ऐमन अफरोज, इमेल से
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