जैसा जुर्म, वैसी सजा

Updated at : 20 Jun 2016 1:40 AM (IST)
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जैसा जुर्म, वैसी सजा

आम तौर पर सबका मानना है कि नाबालिग अपराधियों की उम्र नहीं, उनके जुर्म देखकर ​सजा दी जानी चाहिए़ अरब देशों में सख्त सजा के प्रावधान के चलते अपराध की दर बहुत कम है. कुछ देशों में नाबालिगों को भी आम अपराधियों की तरह सजा दी जाती है. आजकल छोटे-छोटे बच्चे भी ऐसे गंभीर जुर्म […]

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आम तौर पर सबका मानना है कि नाबालिग अपराधियों की उम्र नहीं, उनके जुर्म देखकर ​सजा दी जानी चाहिए़ अरब देशों में सख्त सजा के प्रावधान के चलते अपराध की दर बहुत कम है. कुछ देशों में नाबालिगों को भी आम अपराधियों की तरह सजा दी जाती है. आजकल छोटे-छोटे बच्चे भी ऐसे गंभीर जुर्म करने लगे हैं कि बड़े-बड़ों का कलेजा दहल जाये़ इसलिए जरूरी है कि उन्हें जुर्म के मुताबिक सजा दी जाये.
वेद प्रकाश, दिल्ली
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