जनता दोषी नहीं!

Updated at : 03 Jun 2016 6:08 AM (IST)
विज्ञापन
जनता दोषी नहीं!

राजा और प्रजा का पिता-पुत्र तुल्य रिश्ता होता है, जिसमें राजा ही सदैव बड़ा है क्योंकि वह अपने पुत्र तुल्य प्रजा की उचित देखभाल और पालन पोषण करता है. ​​​फिर भी ​बेचारी ​जनता कई बार अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन, हड़ताल या मीडिया ​का सहारा लेना पड़ता है. लेकिन हमारे ​​शासक कहां […]

विज्ञापन
राजा और प्रजा का पिता-पुत्र तुल्य रिश्ता होता है, जिसमें राजा ही सदैव बड़ा है क्योंकि वह अपने पुत्र तुल्य प्रजा की उचित देखभाल और पालन पोषण करता है. ​​​फिर भी ​बेचारी ​जनता कई बार अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन, हड़ताल या मीडिया ​का सहारा लेना पड़ता है. लेकिन हमारे ​​शासक कहां ​और कितना सुनते ​हैं​, यह जगजाहिर है.
यहां तो बेचारे आवाज​ ​उठाने वाले​ ​मीडियाकर्मियों ​​और आरटीआइ कार्यकर्ताओं की ​हत्या तक करा दी जाती है. कितने दुःख की बात है कि इतना सब होने पर भी ​जनता को ही दोषी ​​​माना जा​ता ​है. आज ​जालिम भ्रष्टाचार के कारण ​​हर जगह अराजकता का माहौल है.
सुशासन के लिए ही तो सरकार होती है, वरना तो इसकी जरूरत ही क्या है? इसकी घोर उपेक्षा, उदासीनता और अकर्मण्यता से ही तो आज देश में अपराध का नेक्सस चल रहा है. नागरिकों का सहयोग​ ​तो ​अपेक्षित ​​है, मगर पूरा काम तो सरकार का ही है.
वेद प्रकाश, ई-मेल से
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola