हम मंदी के दौर में तो नहीं जा रहे
Updated at : 19 Jan 2016 6:31 AM (IST)
विज्ञापन

कच्चे तेल की कीमत पिछले एक दशक के निचले स्तर पर है. 28 डॉलर प्रति बैरल से भी कीमत कम हो गयी है. हमारे पास-पड़ोस के मुल्कों में कहीं भी पेट्रोल की कीमत 25 से 30 रुपये से अधिक नहीं है. पर देश में इसका फायदा नहीं मिल रहा. हमें मिलनेवाला फायदा सरकार एक्साइज ड्यूटी […]
विज्ञापन
कच्चे तेल की कीमत पिछले एक दशक के निचले स्तर पर है. 28 डॉलर प्रति बैरल से भी कीमत कम हो गयी है. हमारे पास-पड़ोस के मुल्कों में कहीं भी पेट्रोल की कीमत 25 से 30 रुपये से अधिक नहीं है.
पर देश में इसका फायदा नहीं मिल रहा. हमें मिलनेवाला फायदा सरकार एक्साइज ड्यूटी बढ़ा कर अपने खाते में रख रही है. वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने एक चैनल पर कहा कि यह पैसा हम बजट घाटा कम करने में इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने हिसाब गिनाते हुए कहा कि देश का कुल खर्च सालाना 18 लाख हजार करोड़ है, जबकि आय सिर्फ 12 लाख करोड़. यानी देश छह लाख करोड़ के घाटे में चल रहा है.
उन्होंने कहा कि हम घाटा जितना पाटेंगे, उतना ही हमारी आनेवाली पीढ़ी का जीवन सुखद होगा. हालांकि, वित्त मंत्रालय बार-बार आशावादी लहजे में आठ से नौ फीसदी विकास दर का दावा कर रहा है. यह नामुमकिन लगता है. तमाम तथ्य व आंकड़े हमें मंदी के दौर में लेकर जा रहे हैं.
– जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




