राज्य के 592 मदरसों पर भी ध्यान दें

Published at :03 Dec 2013 3:42 AM (IST)
विज्ञापन
राज्य के 592 मदरसों पर भी ध्यान दें

मैं आपके अखबार का नियमित पाठक हूं. क्षेत्रीय से लेकर राष्ट्रीय मामलों में आपकी पहुंच और खबरों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता का मैं कायल हूं. मैं इस पत्र के माध्यम से अपनी बात कहना चाहता हूं. ‘प्रभात खबर’ के खबरनवीसों से मैं यह जानना चाहता हूं कि हमारे राज्य झारखंड में जो 592 मदरसे हैं, […]

विज्ञापन

मैं आपके अखबार का नियमित पाठक हूं. क्षेत्रीय से लेकर राष्ट्रीय मामलों में आपकी पहुंच और खबरों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता का मैं कायल हूं. मैं इस पत्र के माध्यम से अपनी बात कहना चाहता हूं.

प्रभात खबर के खबरनवीसों से मैं यह जानना चाहता हूं कि हमारे राज्य झारखंड में जो 592 मदरसे हैं, जो कि बिना सरकारी अनुदान के संचालित हैं और झारखंड सरकार ने सरकारी अनुदान देने के लिए जिनकी बारबार जांच करा ली है, फिर भी सरकार इन मदरसों को स्वीकृति क्यों नहीं देती है और इन मदरसों के शिक्षकों का वेतन क्यों लागू नहीं करती है? क्या सरकार को यह बात मालूम नहीं चली कि मदरसों में सरकार की ओर से जो भी पुस्तकें दी जाती हैं, उसकी पढ़ाई होती है.

यही नहीं, इसके साथ ही सामाजिक एवं धार्मिक शिक्षा भी दी जाती है. इस मुद्दे पर आपसे सकारात्मक पहल की उम्मीद है.

कुरबान, पाकुड़

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola