भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमत

Published at :22 Oct 2013 5:01 AM (IST)
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भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमत

।। मॉस्को से हरिवंश ।। शिखर वार्ता : दोनों देशों ने किये पांच समझौतों पर हस्ताक्षर भारत ने कहा है कि रूस के साथ रणनीतिक साझेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. ऐतिहासिक क्रेमलिन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 14वीं वार्षिक शिखर वार्ता हुई. इस बैठक में आतंकवाद के क्षेत्र में […]

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।। मॉस्को से हरिवंश ।।

शिखर वार्ता : दोनों देशों ने किये पांच समझौतों पर हस्ताक्षर

भारत ने कहा है कि रूस के साथ रणनीतिक साझेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. ऐतिहासिक क्रेमलिन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 14वीं वार्षिक शिखर वार्ता हुई. इस बैठक में आतंकवाद के क्षेत्र में सहयोग और कारोबार तथा निवेश के तरीकों सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गयी.

इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एकदूसरे की सराहना की. बैठक के बाद दोनों देशों की तरफ से संयुक्त वक्तव्य भी जारी किया गया. पुतिन ने बैठक शुरू होते ही कहा, भारत हमारा रणनीतिक सहयोगी है. हमारी अधिकतर परस्पर उपलब्धियां आपके (मनमोहन सिंह) नेतृत्व में हासिल हुई हैं. मैं आपका कृतज्ञ हूं.

दोनों देशों का सैन्य एवं प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग है, जो आर्थिक संबंधों को विविधता प्रदान कर रहे हैं. यहां तक कि अब हम भारत के साथ आतंकवाद विरोधी संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं. पुतिन ने कहा कि दोनों देशों का राजनीतिक क्षेत्रों में भी सहयोग है. संयुक्त राष्ट्र तथा ब्रिक्स में मिल कर काम कर रहे हैं.

बातचीत में प्रधानमंत्री डॉ सिंह ने द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत बनाने और उसे बढ़ावा देने में पुतिन को अहम भूमिका निभाने का श्रेय दिया. पुतिन से कहा कि रूसी संघ के साथ भारत के संबंध उसकी विदेश नीति में विशेष स्थान रखते हैं. उन्होंने कहा, राष्ट्रपति पुतिन और मैं मानता हूं कि रणनीतिक साझेदारी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. यह बेहतर संबंध और आपसी हितों पर आधारित हो. हम वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए मिल कर काम करेंगे. उन्होंने इस तथ्य पर प्रसन्नता जतायी कि पर्यटन, व्यापार और निवेश के साथ ही रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान एवं उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में और करीब आने का फैसला किया है.

समझौतों पर हस्ताक्षर

दोनों पक्षों ने अपने रणनीतिक संबंध बढ़ाने के लिए पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किये. सजायाफ्ता कैदियों के स्थानांतरण समझौते के तहत, रूस और भारत एकदूसरे देश के सजायाफ्ता व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए जिसके तहत इन व्यक्तियों को कुछ शर्तो के साथ अपने देश में सजा काटने का मौका मिलेगा. भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा रूस के शिक्षा एवं विज्ञान मंत्रालय के बीच 2014-17 के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवीकरण के क्षेत्रों में सहयोग के कार्यक्रम से जुड़े कराड़ पर भी हस्ताक्षर हुए.

कुड़नकुलम पर पहल

परमाणु क्षेत्र में सहयोग बढ़ाते हुए डॉ सिंह और पुतिन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कुड़नकुलम परियोजना के उत्तरदायित्व से जुड़े उन मुद्दों को जल्द से जल्द सुलझाया जाये, जिसके कारण संयंत्र की तीसरी और चौथी इकाई पर काम रुका हुआ है. डॉ सिंह ने तमिलनाडु में कुड़नकुलम परमाणु बिजली परियोजना को रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया और कहा कि वह बहुत जल्द ही पहली इकाई से व्यावसायिक बिजली उत्पादन और अगले साल दूसरी इकाई पर काम संपन्न होने की उम्मीद कर रहे हैं.

दोनों पक्ष कुड़नकुलम परमाणु बिजली संयंत्र की तीसरी तथा चौथी इकाई के लिए तकनीकी, व्यावसायिक प्रस्ताव और आम ढांचा समझौते को शीघ्रता से अंतिम रूप देने पर सहमत हैं.

आतंकवाद का मुद्दा उठाया

प्रधानमंत्री ने अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और रूस दोनों आतंकवाद, उग्रवाद और नशीले पदार्थो की तस्करी से परेशान हैं. यह क्षेत्र और विश्व की सुरक्षा और स्थायित्व के लिए भी खतरनाक है. हम इस बात पर सहमत हैं कि क्षेत्र में सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

मुक्त व्यापार करार

डॉ सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष हमारा द्विपक्षीय व्यापार करीब 25 फीसदी की दर से बढ़ा, जो करीब 11 अरब अमेरिकी डॉलर है. हम तेल और गैस, ऊर्जा, सूचना तकनीक, दूरसंचार, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, ऊर्वरक और खनन के क्षेत्र में भी सहयोग करने पर सहमत हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन से अपील की है कि कस्टम यूनियन ऑफ रसिया, कजाकिस्तान और बेलारूस के साथ मुक्त व्यापार समझौते की शुरुआत करने में मदद करें.

सीरिया पर पुतिन की सराहना

डॉ सिंह ने सीरिया में राजनीतिक हल के प्रयास के लिए भी पुतिन की भूमिका की सराहना की. उन्होंने सीरिया में रासायनिक हथियारों को समयबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए रूस तथा अमेरिका के बीच समझौते का स्वागत किया.

पीएम को डॉक्टरेट की उपाधि

इससे पूर्व रूस के मॉस्को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस ने सोमवार को प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की. इस अवसर पर उन्होंने महात्मा गांधी लियो टॉल्सटॉय का उल्लेख किया. कहा कि दोनों के बीच पत्रचार से पता चलता है कि गांधी के अहिंसा के सिद्धांत को लेकर टॉल्स्टॉय की सोच कितनी रचनात्मक थी.

पीएम की चीन यात्रा आज से

बीजिंग : चीन ने सोमवार को कहा कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मंगलवार से शुरू हो रही तीन दिवसीय यात्रा रणनीतिक भागीदारी को मजबूत बनाने के लिहाज से बहुत मायने रखती है. प्रधानमंत्री मंगलवार को अपनी रूस यात्रा पूरी करके शाम तक बीजिंग पहुंचेंगे. इस यात्रा के दौरान दोनों पक्षों द्वारा कुछ प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किये जाने की उम्मीद है, जिनमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर घुसपैठ रोकने का समझौता भी शामिल है.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने संवाददाताओं को बताया, हमारे लिए यह यात्रा बहुत महत्व रखती है और हमें इसका इंतजार है. चीनी प्रधानमंत्री ली ग्रेट हाल ऑफ पीपल में डॉ सिंह की अगवानी करेंगे.

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