दंगों के ये दाग नहीं मिटनेवाले

मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगों की सच्चई मीडिया से छन कर आ रही है. सत्ता के शीर्ष पर बैठे शासक और उनके अंधभक्तों की जमात सच को झूठ और झूठ को सच का जामा पहना कर अपने दामन पर लगे दाग को मिटाने के कितने ही प्रयास क्यों न कर लें, ये दाग नहीं मिटनेवाले. धर्मनिरपेक्षता […]
मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगों की सच्चई मीडिया से छन कर आ रही है. सत्ता के शीर्ष पर बैठे शासक और उनके अंधभक्तों की जमात सच को झूठ और झूठ को सच का जामा पहना कर अपने दामन पर लगे दाग को मिटाने के कितने ही प्रयास क्यों न कर लें, ये दाग नहीं मिटनेवाले.
धर्मनिरपेक्षता एक दुधारी तलवार बन गयी है, जिसका प्रयोग एक ओर तुष्टीकरण की नीति अपना कर वोट बैंक के सुदृढ़ीकरण के लिए तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियां करती हैं, तो दूसरी ओर अल्पसंख्यकों को हिंदुत्ववाद का भय दिखा कर उन्हें गोलबंद भी करती हैं. ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चल रही पार्टियां परदे के पीछे से जो खेल खेल रही हैं, इससे देश की अखंडता खतरे में है. देश का हर समुदाय एक -दूसरे के साथ बंधुभाव से रहना चाहता है लेकिन शायद सियासत ऐसा नहीं चाहती.
नंद किशोर सिंह, कुम्हारटोली, हजारीबाग
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










