आर्थिक पिछड़ों को भी मिले आरक्षण
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :31 Aug 2015 11:41 PM (IST)
विज्ञापन

आज आरक्षण के नाम पर भारत में आंदोलन चल रहे हैं. अनेक जातियां इसकी मांग पर अड़ी हैं. वोट बैंक की खातिर राजनितिक पार्टियां इसमें हस्तक्षेप करने की हिम्मत नही जूटा पाते. भारत के सविंधान के अनुच्छेद 15(1) में स्पष्ट रूप से यह लिखा है कि राज्य जाति, धर्म, लिंग, नस्ल, जन्म स्थान को लेकर […]
विज्ञापन
आज आरक्षण के नाम पर भारत में आंदोलन चल रहे हैं. अनेक जातियां इसकी मांग पर अड़ी हैं. वोट बैंक की खातिर राजनितिक पार्टियां इसमें हस्तक्षेप करने की हिम्मत नही जूटा पाते.
भारत के सविंधान के अनुच्छेद 15(1) में स्पष्ट रूप से यह लिखा है कि राज्य जाति, धर्म, लिंग, नस्ल, जन्म स्थान को लेकर किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगा. अनुच्छेद 16(4) में आरक्षण के कानून बनाने का अधिकार भी राज्य को दिया गया है, लेकिन इसमें पिछड़ी जाती का उल्लेख नहीं किया गया है, बल्कि पिछडा वर्ग का उल्लेख है.
राजनीति में वोट बैंक के लिए जाति आधारित आरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है. देश की संपन्न जातियां भी एकजुट होकर आरक्षण की मांग करने लगी हैं. आरक्षण का लाभ किसे मिल रहा है, इस बात पर विचार करने की आवश्यकता है.
आज भी सरकारी नौकरियों में आधे से अधिक आरिक्षत सीटें खाली पड़ी हैं. जिस व्यक्ति या वर्ग के लिए आरक्षण लागू है, अगर उन्हें आरक्षण का वास्तविक लाभ मिलता, तो आज स्थिति कुछ और ही होती.
वर्तमान में पिछड़ी जातियों में 90 फीसदी लोग आज भी बिना जमीन के, बिना नौकरी के, कुपोषित, अशिक्षित, चिकित्सा के आभाव में मजदूरी करने को विवश हैं, तो आरक्षण किस काम का? अगर आरक्षण लागू ही करना है, तो आरक्षण के समाजिक मापदंड को हटा कर आर्थिक आधार पर कर दिया जाना चाहिए.
जाति का पैमाना समाप्त कर गरीबी का पैमाना तय किया जाना चाहिए. संविधान में सम्मत भेदभाव को छोड़ कर आर्थिक रूप से पिछड़ों को आरक्षण दिया जाना चाहिए.
प्रताप तिवारी, सारठ, देवघर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




