आखिर ये नदियां कब साफ होंगी?
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Apr 2015 5:20 AM (IST)
विज्ञापन

नदियां हमारी जीवन रेखा हैं. इन्हीं पर देश-दुनिया की संस्कृति और समाज का विकास टिका हुआ है. बेहद दु:ख की बात यह है कि इतना बड़ा देश होते हुए भी हमारी नदियों की हालत दयनीय है. नदी और गाय का सम्मान शुरू से ही होता रहा है, क्योंकि वे सही अर्थों में देवियां हैं, मगर […]
विज्ञापन
नदियां हमारी जीवन रेखा हैं. इन्हीं पर देश-दुनिया की संस्कृति और समाज का विकास टिका हुआ है. बेहद दु:ख की बात यह है कि इतना बड़ा देश होते हुए भी हमारी नदियों की हालत दयनीय है.
नदी और गाय का सम्मान शुरू से ही होता रहा है, क्योंकि वे सही अर्थों में देवियां हैं, मगर आज इनकी जो हालत है, वह किसी से छिपी नहीं है. कृषि और पशुपालन गाड़ी के पहिए हैं, जिन पर देश की देश की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से आधारित है.
जब नदियां ही सही नहीं, तो कृषि, पशुपालन और देश भी कैसे ठीक हो सकता है? इनकी सफाई और खुदाई न होने से ही तो देश प्राय: बाढ़ की चपेट में आ जाता है. आज इस बड़े पुनीत और जरूरी कार्य के लिए देश में जनशक्ति और अत्याधुनिक तकनीकी साधनों की भी कही कोई कमी नहीं है, लेकिन इनकी सफाई नहीं हो पा रही है. आखिर कब होगी?
वेद, मामूरपुर, नरेला
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




