अच्छी उपज के बाद भी मरने को मजबूर

प्राकृतिक विपदा से तबाही तो लोगों के अनुभव में जमाने से है, लेकिन भरपूर फसल के बाद किसानों के जान देने की खबर आधुनिक विकास की कड़वी हकीकत है. पश्चिम बंगाल से ऐसी ही दुर्भाग्यपूर्ण खबरें आ रही हैं. आलू की जोरदार पैदावार के बीच बीते कुछ दिनों में ही राज्य में 14 किसान अपनी […]
प्राकृतिक विपदा से तबाही तो लोगों के अनुभव में जमाने से है, लेकिन भरपूर फसल के बाद किसानों के जान देने की खबर आधुनिक विकास की कड़वी हकीकत है. पश्चिम बंगाल से ऐसी ही दुर्भाग्यपूर्ण खबरें आ रही हैं. आलू की जोरदार पैदावार के बीच बीते कुछ दिनों में ही राज्य में 14 किसान अपनी जान दे चुके हैं. उनकी मुश्किलें विपणन एवं भंडारण की आधारभूत संरचना के अभाव से जुड़ी जान पड़ती हैं. राज्य में मौजूद कुल 435 कोल्डस्टोरेज में अधिकतम 62 लाख टन आलू रखा जा सकता है, जबकि वहां इस साल 1 करोड़ टन से अधिक आलू की पैदावार हुई है.
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