बरियातू जमीन घोटाला मामले में दिलीप घोष को हाईकोर्ट से राहत नहीं, याचिका खारिज

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झारखंड हाईकोर्ट का मुख्य द्वार. फाइल फोटो.

Jharkhand High Court: बरियातू जमीन घोटाले में आरोपी दिलीप घोष को झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली. अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी. मामला सेना की 4.55 एकड़ जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है. अब निचली अदालत में केस की सुनवाई जारी रहेगी. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट

Jharkhand High Court: झारखंड की राजधानी रांची के बरियातू में सेना के कब्जे वाली जमीन से जुड़े चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी दिलीप घोष को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने उनकी ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है. इस फैसले के बाद अब उनके खिलाफ निचली अदालत में चल रही कार्रवाई जारी रहेगी.

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जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में सुनवाई

इस मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रार्थी दिलीप घोष और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना. दोनों पक्षों की बातों पर विचार करने के बाद अदालत ने याचिका को खारिज करने का निर्णय सुनाया.

निचली अदालत के आदेश को दी थी चुनौती

दिलीप घोष ने अपनी याचिका में निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया गया था. उन्होंने अदालत से राहत की मांग करते हुए कहा था कि उन्हें इस मामले में आरोपों से मुक्त किया जाए. हालांकि हाईकोर्ट ने उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया.

ईडी ने अवैध जमीन खरीद-बिक्री का लगाया आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में आरोप लगाया है कि बरियातू में सेना के कब्जे वाली करीब 4.55 एकड़ जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री की गई है. यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है, जिसमें कई स्तरों पर गड़बड़ियों की आशंका जताई गई है. ईडी इस मामले की जांच कर रही है और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.

हाईकोर्ट के फैसले से जांच को मिली मजबूती

हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद जांच एजेंसियों को बल मिला है. अब निचली अदालत में इस मामले की सुनवाई जारी रहेगी और आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. यह फैसला इस बात का संकेत भी है कि अदालत मामले को गंभीरता से ले रही है.

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मामले पर बनी रहेगी नजर

बरियातू जमीन घोटाले का यह मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है. इसमें सेना की जमीन के अवैध हस्तांतरण और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप शामिल हैं. अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस केस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. आने वाले दिनों में जांच और अदालत की कार्यवाही से मामले में और खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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