धर्म नहीं, हृदय बदलने की है जरूरत

Published at :19 Jan 2015 5:43 AM (IST)
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धर्म नहीं, हृदय बदलने की है जरूरत

केंद्र में भाजपानीत नरेंद्र मोदी की सरकार बनते ही तमाम हिंदूवादी संगठनों में भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का भूत सवार हो गया. अगर इन संगठनों को हमारे हिंदुत्व के प्रति इतनी ही आस्था और गर्व है, तो अन्य संप्रदाय के लोगों का धर्म परिवर्तन या घर वापसी कराने के बजाय पहले उन लाखों हिंदुओं […]

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केंद्र में भाजपानीत नरेंद्र मोदी की सरकार बनते ही तमाम हिंदूवादी संगठनों में भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का भूत सवार हो गया. अगर इन संगठनों को हमारे हिंदुत्व के प्रति इतनी ही आस्था और गर्व है, तो अन्य संप्रदाय के लोगों का धर्म परिवर्तन या घर वापसी कराने के बजाय पहले उन लाखों हिंदुओं को भारत वापस लाने का प्रयास होना चाहिए, जो पाकिस्तान में जिल्लत की जिंदगी जीने को मजबूर हैं.
स्वयं भारत में भी दबंगों के कारण अधिकांश हिंदू समुदाय के अल्पसंख्यक की जिंदगी जीनेवालों को अधिकार दिलाने के लिए कोई हिंदू संगठन आगे क्यों नहीं आता? क्या धर्म परिवर्तन करा कर हिंदुओं की जमात खड़ा कर देने भर से ही देश का भला हो जायेगा? नहीं, कभी नहीं. सिर्फ धर्म बदलने से ही काम नहीं चलता. इसके लिए हृदय बदलना भी जरूरी है.
बैजनाथ प्रसाद महतो, बोकारो
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