नाम बदलने से नियति नहीं बदलती
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Jan 2015 5:43 AM (IST)
विज्ञापन

मोदी ने सरकार गठन के कुछ दिनों के बाद ही योजना आयोग को समाप्त कर इसका नया स्वरूप दिया और इसका नाम बदल कर नीति आयोग रखा. मोदी के अनुसार अब वक्त भूमंडलीकरण और नयी आर्थिक नीतियों को लागू करने का है. बदलती दुनिया के हिसाब से नीतियां बनाना जरूरी है. नवनिर्मित नीति आयोग के […]
विज्ञापन
मोदी ने सरकार गठन के कुछ दिनों के बाद ही योजना आयोग को समाप्त कर इसका नया स्वरूप दिया और इसका नाम बदल कर नीति आयोग रखा. मोदी के अनुसार अब वक्त भूमंडलीकरण और नयी आर्थिक नीतियों को लागू करने का है. बदलती दुनिया के हिसाब से नीतियां बनाना जरूरी है. नवनिर्मित नीति आयोग के पीछे एक स्वच्छ दृष्टि और एक मजबूत इरादा है.
दरअसल, विकास का नेहरू मॉडल अपनी प्रासंगिकता खो चुका है. पुरानी नीतियों को दशकों तक ढोने का ही नतीजा देश का विकास नहीं होना है. हालांकि, इस नये नीति आयोग की आलोचनाएं काफी हो रही हैं, लेकिन देश के लोगों की अपेक्षाएं भी अधिक हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि सिर्फ आयोग का नाम बदलने से ही देश का विकास नहीं होता. देश के विकास के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की जरूरत है, जिसकी इस देश में कमी है.
पूनम गुप्ता, मधुपुर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




