निशाने पर हिंदू धर्म तो नहीं?

Published at :02 Jan 2015 6:17 AM (IST)
विज्ञापन
निशाने पर हिंदू धर्म तो नहीं?

वर्ष 2014 के आखिरी दिनों में रिलीज हुई फिल्म पीके ने यह साबित कर दिया है कि इसके निर्माता-निर्देशक ही नहीं, बल्कि इसमें काम करनेवाले कलाकार और दर्शक भी हिंदू-विरोधी हो गये हैं. देश में हो रहे भारी विरोध के बावजूद फिल्म ने 400 करोड़ रुपये से भी अधिक का कारोबार कर लिया है. इस […]

विज्ञापन
वर्ष 2014 के आखिरी दिनों में रिलीज हुई फिल्म पीके ने यह साबित कर दिया है कि इसके निर्माता-निर्देशक ही नहीं, बल्कि इसमें काम करनेवाले कलाकार और दर्शक भी हिंदू-विरोधी हो गये हैं. देश में हो रहे भारी विरोध के बावजूद फिल्म ने 400 करोड़ रुपये से भी अधिक का कारोबार कर लिया है.
इस फिल्म को देखनेवाले दर्शक न केवल दूसरे समुदाय के हैं, बल्कि हिंदू धर्म को माननेवाले भी इसे देख रहे हैं. फिल्म का जितना अधिक विरोध किया जा रहा है, बिजनेस भी उसी रफ्तार से बढ़ रहा है. आज देश में दो तरह की धाराएं बह रही हैं. इसे देखने के बाद ऐसा लगता है कि कहीं फिल्म में हिंदू धर्म को लक्ष्य करके राजनीतिक निशाना तो नहीं साधा गया है? इस तरह के तथ्यों का फिल्मों में दिखाना हिंसा को बढ़ावा देना है, जो इंसानियत के खिलाफ है.
आलोक रंजन, हजारीबाग
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola