जल संरक्षण को बढ़ावा देना जरूरी
Updated at : 10 Nov 2014 1:14 AM (IST)
विज्ञापन

आज पानी की समस्या गंभीर है. सभी इससे परेशान हैं, लेकिन अभी तक इस समस्या का हल नहीं ढूंढ़ा जा सका है. केंद्र और राज्य सरकारें तथा स्वयंसेवी संस्थाएं जलसंरक्षण को बढ़ावा देने के नाम पर लाखों रुपये का वारा-न्यारा कर देती हैं, लेकिन वास्तविक धरातल पर काम कुछ भी नहीं हो पाता. इस साल […]
विज्ञापन
आज पानी की समस्या गंभीर है. सभी इससे परेशान हैं, लेकिन अभी तक इस समस्या का हल नहीं ढूंढ़ा जा सका है. केंद्र और राज्य सरकारें तथा स्वयंसेवी संस्थाएं जलसंरक्षण को बढ़ावा देने के नाम पर लाखों रुपये का वारा-न्यारा कर देती हैं, लेकिन वास्तविक धरातल पर काम कुछ भी नहीं हो पाता. इस साल झारखंड में औसतन कम बारिश हुई है.
अभी सर्दी का मौसम अपने शबाब पर आया भी नहीं है कि यहां की नदियां, तालाब, आहर, पोखर सूखने लगे हैं. जैसे-तैसे खरीफ फसलों को तो सिंचाई के लिए पानी मिल गया. लेकिन रबी फसल की बुआई और सिंचाई कैसे होगी, यह समस्या मुंह बाये खड़ी है. उद्योगों और शहरों से निकलनेवाले गंदे पानी का यदि शोधन किया जाता, तो सिंचाई के साधन बन सकते हैं. इसलिए जलसंरक्षण करना बहुत जरूरी है.
मो सलमान मूसा, महथाडीह, डोमचांच
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




