महिला की आजादी के बहाने
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :15 Sep 2014 8:04 AM (IST)
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आज महिलाओं को हर प्रकार की आजादी का कानून बना हुआ है. लेकिन कुछ महिलाएं इस आजादी के कानून का गलत इस्तेमाल कर रहीं हैं. कुछ महिलाओं का पति को प्रताड़ित करना, सास-ससुर को झूठे केस में फंसाना आम हो चुका है. आजकल तो कुछ महिलाएं ऐसी पोशाक पहनने लगी हैं जिनसे लोगों का उत्तेजित […]
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आज महिलाओं को हर प्रकार की आजादी का कानून बना हुआ है. लेकिन कुछ महिलाएं इस आजादी के कानून का गलत इस्तेमाल कर रहीं हैं. कुछ महिलाओं का पति को प्रताड़ित करना, सास-ससुर को झूठे केस में फंसाना आम हो चुका है. आजकल तो कुछ महिलाएं ऐसी पोशाक पहनने लगी हैं जिनसे लोगों का उत्तेजित होना स्वाभाविक है.
इस तरह के पोशाक केवल सिनेमा और इश्तेहारों तक ही ठीक लगते हैं, जहां मकसद केवल पैसे कमाना होता है. यही वजह है आज अकसर न चाहते हुए भी लोगों की नजरें हम महिलाओं को घूरने लगती हैं. क्योंकि प्रकृति का यह नियम है कि दो चीजों पर नजर उठ ही जाती है, या तो वीभत्स या फिर सुंदर. जैसे मंदिर के सामने अनायास ही सम्मान में सिर झुक जाता है. महिलाओं को ऐसे वस्त्र पहनने चाहिए जिसे देख कर नजरों में सम्मान झलके.
गौरी वैद्य, रांची
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