बातचीत और हिंसा एक साथ नहीं

कुछ लोगों का मानना है कि भारत-पाक वार्ता रद्द करना सही नहीं है. इसके पीछे उनका तर्क यह है कि सीमा पर जो आतंकी गतिविधियां बढ़ रही हैं या युद्धविराम का उल्लंघन हो रहा है, उसका कारण बातचीत का बंद होना है. लेकिन 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार की तरफ से जब दिल्ली-लाहौर मैत्री […]
कुछ लोगों का मानना है कि भारत-पाक वार्ता रद्द करना सही नहीं है. इसके पीछे उनका तर्क यह है कि सीमा पर जो आतंकी गतिविधियां बढ़ रही हैं या युद्धविराम का उल्लंघन हो रहा है, उसका कारण बातचीत का बंद होना है.
लेकिन 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार की तरफ से जब दिल्ली-लाहौर मैत्री बस सेवा शुरू करने के लिए दोनों देश अच्छे संबंध के लिए हाथ मिला रहे थे तब पाकिस्तान ने भारत के पीठ पर छुरा घोंप कर हमला क्यों कर दिया था? पाकिस्तान से बातचीत बंद तो हाल-फिलहाल के कुछ दिनों में हुई है.
लगातार तीन सालों से पाकिस्तान ने करीब 523 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया है, जिनमें भारत के लगभग 340 सैन्यकर्मी शहीद हुए हैं. पाकिस्तान की कायराना हरकतों के कारण सैनिकों और देश की जनता में रोष है. मुख में राम, बगल में छुरी की नीति नहीं चलेगी.
संजय कुमार, ई-मेल से
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