सख्त सजा की है जरूरत
Updated at : 04 Dec 2019 8:02 AM (IST)
विज्ञापन

भारतीय समाज में नारी को देवी स्वरूप स्थान दिया गया है. पत्नी को पति की अर्द्धांगिनी माना गया है. फिर भी स्त्रियों पर अत्याचार होता है. पिछले कुछ समय से बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. हाल में हुई हैदराबाद की घटना हो या रांची की, ये घटनाएं दिल को दहला देती हैं. क्यों […]
विज्ञापन
भारतीय समाज में नारी को देवी स्वरूप स्थान दिया गया है. पत्नी को पति की अर्द्धांगिनी माना गया है. फिर भी स्त्रियों पर अत्याचार होता है. पिछले कुछ समय से बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. हाल में हुई हैदराबाद की घटना हो या रांची की, ये घटनाएं दिल को दहला देती हैं.
क्यों ऐसे लोगों को डर नहीं लगता? देश से कब खत्म होंगे ये अपराध? आज जरूरत है एक सख्त कानून की. सरकार को चाहिए कि सख्त कानून बनाये. दूसरे कई देशों में ऐसे अपराध की सजा सिर्फ मौत है. उत्तर कोरिया में बलात्कारी को सरेआम सिर में गोलियां दागी जाती हैं. यूएई में सात दिनों के अंदर फांसी दी जाती है.
सऊदी अरब में सिर कलम कर दिया जाता है. इराक में गुनहगार को भीड़ द्वारा तब तक पत्थर मारा जाता है, जब तक की वह मर नहीं जाता है. पोलेंड में आरोपी को नपुंसक बना दिया जाता है. इंडोनेशिया में अपराधी पुरुष में महिलाओं के हार्मोंस डाल दिये जाते हैं. भारत में भी इस तरह का कोई कठोर कानून बनना चाहिए.
देवेंद्र सोरेन, बोकारो, झारखंड
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




