अपनी गलती सुधारे जेपीएससी

मैंने जेपीएससी (पंचम) प्रारंभिक परीक्षा दी थी. एक सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को चयनित होने के लिए जितने अंकों की जरूरत होती है, उससे कहीं अधिक अंक मैंने पाये हैं, लेकिन ओएमआर शीट के नाम पर मेरा रिजल्ट रिजेक्ट कर दिया गया है. इस मामले में हाई कोर्ट ने जेपीएससी को निर्देश दिया है कि […]
मैंने जेपीएससी (पंचम) प्रारंभिक परीक्षा दी थी. एक सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को चयनित होने के लिए जितने अंकों की जरूरत होती है, उससे कहीं अधिक अंक मैंने पाये हैं, लेकिन ओएमआर शीट के नाम पर मेरा रिजल्ट रिजेक्ट कर दिया गया है. इस मामले में हाई कोर्ट ने जेपीएससी को निर्देश दिया है कि वह इस बारे में विचार करे कि क्या किया जा सकता है.
आरटीआइ के तहत मैंने अपनी कॉपियां भी देखीं, जिसमें सब्जेक्ट कोड का गोला रंगा हुआ नहीं था. ओएमआर शीट के रिजेक्शन के आठ हजार से अधिक मामले हैं, लेकिन सब्जेक्ट कोड वाला मामला पूरी तरह से विचारणीय है, क्योंकि जेपीएससी ने सब्जेक्ट कोड का कोई अलग कॉलम नहीं बनाया था. उसे दूसरे कॉलम में ही नीचे डाल दिया गया था, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई. जेपीएससी अपनी इस भूल का सुधार करे.
नीरज कु आलोक, रातू रोड, रांची
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




