अमेरिका-ईरान डील : ट्रंप का वार मूड ऑन, पाकिस्तान पहुंचा ईरानी डेलीगेशन

Updated:
विज्ञापन

इस्लामाबाद की तस्वीर (Photo: PTI)

Iran War : ईरान की टीम (डेलीगेशन) इस्लामाबाद पहुंच गई है और US के साथ बातचीत की तैयारी में है. लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसकी शर्तें नहीं मानी जातीं, तब तक बातचीत शुरू नहीं होगी. ईरान के साथ पाकिस्तान में होने वाली बातचीत के पहले जानें अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा.

विज्ञापन

Iran War : ईरान की टीम इस्लामाबाद पहुंची. यहां अमेरिका के साथ शांति वार्ता होनी है. इसे जंग खत्म करने की कोशिशों में बेहद अहम दौर माना जा रहा है, जहां से आगे की दिशा तय होगी. ईरान की मीडिया के मुताबिक, अमेरिका के साथ शांति वार्ता तभी शुरू होगी जब पहले उसकी शर्तें मान ली जाएंगी.

विज्ञापन

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अपने युद्धपोतों में फिर से सबसे एडवांस हथियार भर रहा है. अगर ईरान के साथ पाकिस्तान में चल रही शांति वार्ता फेल होती है, तो अमेरिका दोबारा हमला शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

अगले 24 घंटे में सब साफ हो जाएगा : डोनाल्ड ट्रंप

वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस के इस्लामाबाद रवाना होते ही डोनाल्ड ट्रंप  ने साफ कहा कि अब मामला बेहद अहम मोड़ पर है. उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटे में सब साफ हो जाएगा कि डील होती है या नहीं. यानी बातचीत का नतीजा जल्दी सामने आने वाला है.

अब पहले से भी ज्यादा ताकत के साथ तैयार है अमेरिका

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हर स्थिति के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि हम फिर से तैयारी में जुट गए हैं. जहाजों में सबसे बेहतरीन हथियार भरे जा रहे हैं, पहले से भी ज्यादा ताकतवर. पिछली बार हमने उन्हें बुरी तरह तबाह किया था, और अब उससे भी ज्यादा ताकत के साथ तैयार हैं. ट्रंप ने कहा कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो हम अब तक के सबसे खतरनाक और एडवांस हथियार का इस्तेमाल करेंगे. ताकि दुश्मन को पूरी तरह खत्म किया जा सके.

यह भी पढ़ें : ट्रंप की फोन कॉल वॉर्निंग के बाद झुके नेतन्याहू? लेबनान के साथ सीजफायर को तैयार हुआ इजरायल

यूरेनियम संवर्धन करना ईरान का हक : अराघची

इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत में ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ शामिल हो सकते हैं. इससे पहले अराकची साफ कह चुके हैं कि यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) करना ईरान का हक है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा.

दो हफ्ते का सीजफायर

इस्लामाबाद में हो रही ये बातचीत दो हफ्ते के सीजफायर के बाद शुरू हुई है. इसे जंग रोकने की कोशिशों में बेहद अहम मोड़ माना जा रहा है, जहां से तय होगा कि हालात सुधरेंगे या फिर तनाव दोबारा बढ़ सकता है. 28 फरवरी से यह युद्ध शुरू हुआ था. इसके बाद 8 अप्रैल की सुबह (भारतीय समयानुसार) दो हफ्ते के सीजफायर की खबर आई.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola