सबरीमाला में महिलाओं को छूट
Updated at : 04 Oct 2018 6:30 AM (IST)
विज्ञापन

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक बड़ा फैसला दिया गया है. केरल के सबरीमाला में विराजमान भगवान अयप्पा मंदिर में 800 वर्षों से चली आ रही प्रथा को खत्म करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस मंदिर में हर उम्र की महिलाएं पूजा करने जा सकती हैं. पहले यहां 10 साल की बच्चियों से लेकर […]
विज्ञापन
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक बड़ा फैसला दिया गया है. केरल के सबरीमाला में विराजमान भगवान अयप्पा मंदिर में 800 वर्षों से चली आ रही प्रथा को खत्म करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस मंदिर में हर उम्र की महिलाएं पूजा करने जा सकती हैं. पहले यहां 10 साल की बच्चियों से लेकर 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी थी. पांच जजों की संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत के आधार पर यह फैसला सुनाया.
एक महिला जज इंदु मल्होत्रा ने कहा की अदालत को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. वहीं, मंदिर का संचालन करने वाला त्रावणकोर देवेस्वम बोर्ड कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी में है. वहीं केरल सरकार ने इस फैसले का स्वागत किया. यह प्रथा लिंग के साथ भेदभाव करता था जिससे मौलिक अधिकार का हनन होता था. यह एक सराहनीय निर्णय है.
अभिजीत मेहरा, मधुपुर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




