आस्था में अंधविश्वास

पहले भी लोग ढोंगी बाबाओं के चक्कर में अपनी संपत्ति, सम्मान व जान से हाथ धोते रहे हैं, लेकिन दिल्ली के बुराड़ी में संतनगर इलाके के एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत की घटना ने लोगों को हैरानी में डाल दिया है. पुलिस के मुताबिक यह मामला पहली नजर में अंधविश्वास और तंत्र […]
पहले भी लोग ढोंगी बाबाओं के चक्कर में अपनी संपत्ति, सम्मान व जान से हाथ धोते रहे हैं, लेकिन दिल्ली के बुराड़ी में संतनगर इलाके के एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत की घटना ने लोगों को हैरानी में डाल दिया है. पुलिस के मुताबिक यह मामला पहली नजर में अंधविश्वास और तंत्र साधना का लगता है. आज विज्ञान तरक्की कर चुका है, लोग पहले से अधिक शिक्षित और जागरूक हैं, फिर भी समाज से अंधविश्वास का खात्मा नहीं हो सका है. डरावने धारावाहिक व काल्पनिक कार्यक्रमों में तंत्र-मंत्र जैसी घटनाओं को दिखाया जाता है.
कुछ लोग इसे अपने वास्तविक जीवन से जोड़ लेते हैं. इसका फायदा ढोंगी तांत्रिक और पाखंडी बाबा आसानी से उठा लेते हैं. लोग ऐसे बाबाओं की श्रद्धा में विलीन हो जाते हैं और धीरे-धीरे यह श्रद्धा अंधविश्वास में तब्दील हो जाती है. सच्चाई यह है कि कोई भी धर्म हानि नहीं पहुंचाता है और न ही किसी की जान लेने या जान देने को कहता है. इसलिए आस्था को अंधविश्वास न जोड़ें.
पल्लवी कुमारी, नयी दिल्ली
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