एक नया स्वतंत्रता संग्राम
Updated at : 06 Jul 2018 7:33 AM (IST)
विज्ञापन

सोशल मीडिया का हस्तक्षेप हमारे जीवन में इस कदर बढ़ गया हैं कि हमारी शिक्षा, कार्य क्षमता, सामाजिकता, वैवाहिक जीवन, बच्चों के संस्कार सब खतरे में पड़ गये हैं. दुनिया के 70 प्रतिशत देशों का सोशल मीडिया पर दिया गया समय हम भारतीयों द्वारा दिये गये समय से कम हैं. यही सच है कि सोशल […]
विज्ञापन
सोशल मीडिया का हस्तक्षेप हमारे जीवन में इस कदर बढ़ गया हैं कि हमारी शिक्षा, कार्य क्षमता, सामाजिकता, वैवाहिक जीवन, बच्चों के संस्कार सब खतरे में पड़ गये हैं. दुनिया के 70 प्रतिशत देशों का सोशल मीडिया पर दिया गया समय हम भारतीयों द्वारा दिये गये समय से कम हैं. यही सच है कि सोशल मीडिया लोगों को लती बना रही है और यह एक तरह से यह धूम्रपान और नशाखोरी के समान हैं. यह लत इसके यूजर के लिए तो भीषण खतरनाक है ही, देश-समाज के लिए भी अत्यंत खतरनाक है.
इसलिए सरकार ने कुछ कंपनियों को नोटिस जारी किया है कि अगर भारत उनके लिए बाजार उपलब्ध कराता है, तो इसका दुरुपयोग रोकने की जवाबदेही भी उन्हें लेनी होगी. न्यू याॅर्क, बेंगलुरु और दिल्ली में इंटरनेट डी-एडिक्शन सेंटर का खुलना अपने आप में बहुत कुछ कहता हैं. आइए, हम सोशल मीडिया के एडिक्शन के खिलाफ एक नया स्वतंत्रता संग्राम छेड़ें.
सीमा साही , बोकारो
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




