भूख हड़ताल से पहले क्रैश कोर्स

Updated at : 25 Jun 2018 11:57 PM (IST)
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भूख हड़ताल से पहले क्रैश कोर्स

पीयूष पांडे व्यंग्यकार क्या आप असंतुष्ट हैं? क्या आप अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए भूख हड़ताल या धरना-प्रदर्शन करना चाहते हैं? क्या रह-रहकर भूख हड़ताल की इच्छा आपके मन में कुलांचे मारती है, लेकिन हड़ताल की अहंकारी सोच के खिलाफ आपका पेट ही दिल-ओ-दिमाग की मानने से इनकार कर देता है? यदि इन सवालों […]

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पीयूष पांडे
व्यंग्यकार
क्या आप असंतुष्ट हैं? क्या आप अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए भूख हड़ताल या धरना-प्रदर्शन करना चाहते हैं? क्या रह-रहकर भूख हड़ताल की इच्छा आपके मन में कुलांचे मारती है, लेकिन हड़ताल की अहंकारी सोच के खिलाफ आपका पेट ही दिल-ओ-दिमाग की मानने से इनकार कर देता है? यदि इन सवालों का जवाब हां है, तो भूख हड़ताल से जुड़ा छोटा सा क्रैश कोर्स आपके लिए है.
आज ऐसा कोई नहीं, जो असंतुष्ट नहीं. जो कहता है कि वह संतुष्ट है, वह या तो झूठा है या फिर ऐसा बाबा है, जिसकी अपनी एक्सक्लूसिव गुफाएं हैं, जहां वह सांसारिक रूप से असंतुष्ट होने के बाद खास साधनाएं कर संतुष्ट होता है. चूंकि आप न झूठे हैं न बाबा, तो आप असंतुष्ट हैं.
असंतुष्ट किसी से भी, किसी भी बात पर और किन्हीं भी हालात में हुआ जा सकता है. राजनेता से वोटर सदैव असंतुष्ट रहता है, और राजनेता मतदाताओं के असंतुष्टि की किंचित परवाह न होते हुए आलाकमान से असंतुष्ट रहता है. असंतुष्टि का भाव अवश्यंभावी है, अलबत्ता वह किस पैरामीटर पर है, उसी से भूख हड़ताल होने या न होने की अवस्था तय होती है.
चलिए मान लिया कि आप सच्चे असंतुष्ट हैं और आप भूख हड़ताल करना चाहते हैं. तो पहला काम यह करें कि भूख हड़ताल पर बैठने की धमकियां दें. सोशल मीडिया पर धमकियां पोस्ट करें. कई बार सिर्फ धमकी से काम चल जाता है.
और मान लीजिए धमकी से काम नहीं होता, तो भूख हड़ताल करना मजबूरी हो सकती है. मौसम अच्छा हो तो किराया देने की अपनी औकात के हिसाब से किसी ग्राउंड में तीन परत का गद्दा डालकर भूख हड़ताल शुरू करें. भूख हड़ताल से एक दिन पहले शानदार स्वादिष्ट भोजन कर लें, ताकि अगले एक-दो दिन लालच में न फंसें.
ज्यादा गर्मी हो या मौसम खराब हो, तो किसी एसी कमरे में सोफे पर पसर कर धरना दिया जा सकता है. धरने के दौरान चार्ज मोबाइल साथ रखें. इंटरनेट पैक भी रिचार्ज करा लें, क्योंकि वाईफाई काटा जा सकता है. कुछ भूख हड़ताल आजकल ऐसी भी हो रही हैं कि बंदा रात में 12 से सुबह 6 बजे तक के लिए घर चला जाता है.
अगर आप भूख हड़ताली नहीं हैं, तो इसी विकल्प का चयन करें. मीडिया में एक-दो मित्र हों, तो उन्हें पार्टी का झांसा देते रहें, ताकि वे आपकी खबर छपवाने या बाइट चलवाने की कोशिश करते रहें. कुछ अच्छी फिल्में देखकर मरने के नाटक या बेहोश होने की नौटंकी का सीन करना सीख लें. अपने संकट को बड़े कैनवास में रखते हुए संवैधानिक संकट बताने की कोशिश करें.
अगर फिर भी बात न बने, तो रिश्तेदारों के दो बच्चे बुलाकर जूस पी लें और चुपचाप घर चले जाएं. वैसे भी, मरने के लिए थोड़े आपने भूख हड़ताल की थी! और हां, बेइज्जती से बचने के लिए भूख हड़ताल तोड़ने के अगले ही दिन आप सैर-सपाटे के लिए किसी दूसरे राज्य का टिकट कटा लें. यहां जरूरत हो, तो कह दें कि इलाज के लिए जा रहे हैं.
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