आदिवासी बनने की होड़

Updated at : 12 Feb 2018 6:16 AM (IST)
विज्ञापन
आदिवासी बनने की होड़

पिछले कई महीनों से देखा जा रहा हैं कि कई जातियां आदिवासी की सूची में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, राजनीतिक दल भी फायदे के लिए दांव चल रहे हैं. दरअसल झारखंड में तेली और कुर्मी राजनीतिक दलों के लिए बड़ा वोट बैंक हैं. ये आजसू और जेएमएम […]

विज्ञापन

पिछले कई महीनों से देखा जा रहा हैं कि कई जातियां आदिवासी की सूची में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, राजनीतिक दल भी फायदे के लिए दांव चल रहे हैं. दरअसल झारखंड में तेली और कुर्मी राजनीतिक दलों के लिए बड़ा वोट बैंक हैं.

ये आजसू और जेएमएम के पारंपरिक वोटर रहे है. इसलिए ये दल इन जातियों को एसटी की सूची में शामिल कर लाभ लेना चाहते हैं. वहीं सीएम भी अपनी जाति को आदिवासी बनाने के लिए उतावले हैं . यदि इन लोगों को एसटी की सूची में शामिल किया जाता हैं, तो वास्तविक आदिवासियों का अधिकार प्रभावित होगा. इसलिए सरकार को सोच-समझ कर निर्णय लेना चाहिए.

सुमन, इमेल से

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola