1000 दिन का हिसाब देना ठीक नहीं

Updated at : 08 Sep 2017 8:50 AM (IST)
विज्ञापन
1000 दिन का हिसाब देना ठीक नहीं

आजकल सरकारें अपने 100 या 1000 दिन की उपलब्धि गिनाने में लगी हैं. प्रधानमंत्री जी भी इसी सूची में हैं. आखिर क्यों ये नेता आम जनता को 100 दिन का काम बता रहे हैं?‍ क्या आप किसी कंपनी में एक साल काम करने के बाद कंपनी को या सहकर्मी को कहते फिरेंगे कि आपने एक […]

विज्ञापन
आजकल सरकारें अपने 100 या 1000 दिन की उपलब्धि गिनाने में लगी हैं. प्रधानमंत्री जी भी इसी सूची में हैं. आखिर क्यों ये नेता आम जनता को 100 दिन का काम बता रहे हैं?‍ क्या आप किसी कंपनी में एक साल काम करने के बाद कंपनी को या सहकर्मी को कहते फिरेंगे कि आपने एक साल में कितना काम किया? नहीं न? कंपनी को पता होता है कि आपने कितने काम किये हैं.

यहां पर कंपनी को आम जनता समझ लें और कर्मचारी को मुख्यमंत्री या कोई विधायक या सांसद, क्योंकि नेता आम जनता के सेवक ही हैं. आम जनता ने उनसे कार्यों का रिपोर्ट कार्ड दिखाने को तो नहीं कहा है? उसे सब पता होता है. 1825 दिन के बाद जब वोटिंग होगी तो पता चल ही जायेगा.

पालुराम हेंब्रम, सलगाझारी
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola