स्वार्थ का गठबंधन

Updated at : 01 Aug 2017 5:54 AM (IST)
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स्वार्थ का गठबंधन

बीजेपी के साथ नया गठबंधन बना कर नीतीश कुमार ने गठबंधन को बिहार के विकास के आवश्यक बताया, वह हास्यास्पद है क्योंकि उन्होंने पहले भी भाजपा से गठबंधन किया था, तब तो विकास होना चाहिए था! 20 वर्ष पूर्व जो लोग घास-फूस के घर में रहते थे, वे आज भी वहीं हैं. भाजपा के साथ […]

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बीजेपी के साथ नया गठबंधन बना कर नीतीश कुमार ने गठबंधन को बिहार के विकास के आवश्यक बताया, वह हास्यास्पद है क्योंकि उन्होंने पहले भी भाजपा से गठबंधन किया था, तब तो विकास होना चाहिए था! 20 वर्ष पूर्व जो लोग घास-फूस के घर में रहते थे, वे आज भी वहीं हैं.

भाजपा के साथ सरकार बनाने से अगर इनका जीवनस्तर सुधर जाता है, तभी कहा जा सकता है विकास हो रहा है. भाजपा तो साम, दाम, दंड, भेद कर किसी भी हालत में पूरे देश में विजय प्राप्त करना चाहती है. इसका उदाहरण कई राज्यों में राजनीतिक उठा-पटक से देख सकते हैं. सभी दलों में स्वार्थ घर कर गया है. इन दलों ने विकास और ईमानदारी की कौन-सी मिसाल पेश की है, यह समझ से परे है.

राजन राज, रांची

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