राजनीति और शुचिता
Updated at : 31 Jul 2017 6:28 AM (IST)
विज्ञापन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देकर एक नया प्रतिमान स्थापित किया है. इन दिनों राजनीति से सिद्धांत और शुचिता गायब होती जा रही है. सत्ता के लोभ में लोग किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं. लेकिन नीतीश कुमार ने आजतक अपने सिद्धांतों से कभी भी समझौता नहीं […]
विज्ञापन
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देकर एक नया प्रतिमान स्थापित किया है. इन दिनों राजनीति से सिद्धांत और शुचिता गायब होती जा रही है. सत्ता के लोभ में लोग किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं.
लेकिन नीतीश कुमार ने आजतक अपने सिद्धांतों से कभी भी समझौता नहीं किया है. उन्होंने अपने सहयोगी दल राजद के वरीय मंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप को जनता के सामने तथ्यों के साथ सफाई देने को कहा, लेकिन उन लोगों ने इसको गंभीरता से नहीं लिया. अगर वे इस्तीफा दे देते, तो सरकार बच सकती थी. मजबूरी में उन्होंने इस्तीफा दिया और राजद से एक झटके में संबंध तोड़कर साबित कर दिया कि वे अपने उसूलों के लिए कभी भी कोई भी कुर्बानी दे सकते हैं, इसमें उनको कोई हिचकिचाहट नहीं होगी.
युगल किशोर ,रांची
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




