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Numerology: अंक ज्योतिष क्या है और यह कैसे काम करता है, अंकों का रहस्य

Updated at : 07 Aug 2025 9:49 AM (IST)
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Numerology: अंक ज्योतिष क्या है और यह कैसे काम करता है, अंकों का रहस्य

अंक ज्योतिष: अंकों के माध्यम से जीवन के रहस्य को उजागर करना.

Numerology: एक पत्रकार के रूप में, मैं हमेशा तथ्यों की सटीकता पर जोर देती हूं, और अंक ज्योतिष भी एक ऐसी ही विद्या है जो गणितीय नियमों पर आधारित है. अंक ज्योतिष, जिसे न्यूमरोलॉजी भी कहा जाता है, एक प्राचीन विज्ञान है जो अंकों के माध्यम से व्यक्ति के भविष्य, व्यक्तित्व और जीवन के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करता है. यह बताता है कि कैसे प्रत्येक संख्या का एक विशिष्ट कंपन होता है जो हमारे जीवन को प्रभावित करता है. इसमें मूलांक, भाग्यांक और नामांक जैसी गणनाएं शामिल होती हैं, जो आपके जीवन पथ को समझने में सहायक हैं. [8, 10]

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Numerology: क्या आप मानते हैं कि अंकों में आपकी किस्मत बदलने की शक्ति है? सदियों से, अंक ज्योतिष, जिसे न्यूमेरोलॉजी भी कहते हैं, इस बात का दावा करती आ रही है कि हमारे जीवन पर अंकों का गहरा प्रभाव होता है. यह एक प्राचीन विद्या है जो गणित के नियमों का उपयोग करके किसी व्यक्ति के भविष्य और व्यक्तित्व के बारे में जानकारी देती है. अंक ज्योतिष में 1 से 9 तक की संख्याओं का इस्तेमाल होता है, और हर संख्या का संबंध एक खास ग्रह से माना जाता है, जो हमारे जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर असर डालता है. अब जब 2025 में हम आगे बढ़ रहे हैं, तो इस साल को भी अंकों के योग से देखा जा रहा है, जिससे कई लोग अपने भविष्य को लेकर उत्सुक हैं. अंक ज्योतिष हमें मूलांक, भाग्यांक और नामांक जैसे पहलुओं के जरिए खुद को बेहतर ढंग से समझने और आने वाली चुनौतियों व अवसरों के लिए तैयार रहने में मदद करती है.

अंक ज्योतिष का परिचय

अंक ज्योतिष, जिसे अंग्रेजी में न्यूमरोलॉजी (Numerology) कहा जाता है, एक प्राचीन विद्या है जो अंकों के माध्यम से व्यक्ति के जीवन और भविष्य को समझने का प्रयास करती है. यह ज्योतिष शास्त्र की एक शाखा मानी जाती है. अंक ज्योतिष में गणित के नियमों का उपयोग करके व्यक्ति के स्वभाव, उसकी विचारधारा, और जीवन के विभिन्न पहलुओं का विवरण प्रस्तुत किया जाता है. इसे अंक विद्या या अंक शास्त्र और संख्या शास्त्र जैसे नामों से भी जाना जाता है.

अंक ज्योतिष का इतिहास

अंक ज्योतिष का इतिहास हजारों साल पुराना है. इसकी जड़ें लगभग 10,000 साल पहले मिस्र, बेबीलोन और ग्रीस जैसी प्राचीन सभ्यताओं में मिलती हैं. यह माना जाता है कि अंकों के महत्व को सबसे पहले मिस्र के महान गणितज्ञ पाइथागोरस ने बताया था. उन्होंने कहा था कि “अंक ब्रह्मांड पर राज करते हैं”, जिसका अर्थ है कि संसार में अंकों का महत्व सबसे अधिक है. प्राचीन काल में भारत, ग्रीक, मिस्र, हिब्रू और चीनियों को भी अंक शास्त्र का ज्ञान था. हिब्रू मूलाक्षरों से अंक ज्योतिष का प्रारंभ माना जाता है, और मिस्र की जिप्सी जनजाति ने भी इसे विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. भारत में, प्राचीन ग्रंथ “स्वरोदम शास्त्र” में अंक शास्त्र के विशेष उपयोग का उल्लेख मिलता है.

अंक ज्योतिष कैसे काम करता है?

अंक ज्योतिष मुख्यतः 1 से 9 तक की संख्याओं पर आधारित है. इसमें प्रत्येक अंक को नौ ग्रहों – सूर्य, चंद्र, गुरु, यूरेनस, बुध, शुक्र, वरुण, शनि और मंगल – से जोड़ा गया है. इन ग्रहों की विशेषताओं के आधार पर गणना की जाती है. अंक ज्योतिष में मुख्य रूप से तीन प्रकार के अंकों का विश्लेषण किया जाता है: मूलांक, भाग्यांक और नामांक.

  • मूलांक (मूलांक): यह व्यक्ति की जन्मतिथि से प्राप्त होता है. यदि किसी का जन्म 15 तारीख को हुआ है, तो उसका मूलांक 1+5=6 होगा. यह व्यक्ति के आंतरिक स्वभाव और मूल ऊर्जा को दर्शाता है. मूलांक स्थिर होता है और इसे बदला नहीं जा सकता.
  • भाग्यांक (जीवन पथ संख्या): इसे जीवन पथ संख्या (Life Path Number) भी कहते हैं. इसकी गणना व्यक्ति की पूरी जन्मतिथि (दिनांक, महीना और वर्ष) को जोड़कर की जाती है. उदाहरण के लिए, यदि किसी की जन्मतिथि 15/05/2000 है, तो दिनांक का योग 1+5=6, महीने का योग 0+5=5, और वर्ष का योग 2+0+0+0=2 होगा. इन सभी को जोड़ने पर 6+5+2=13, और फिर 1+3=4. तो उसका भाग्यांक 4 होगा. भाग्यांक को मूलांक से अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है. यह व्यक्ति के जीवन की दिशा, उसके भाग्य और संभावित घटनाओं का सूचक होता है.
  • नामांक (नाम संख्या): नामांक व्यक्ति के नाम के अक्षरों को अंकों में बदलकर और फिर उन अंकों को जोड़कर प्राप्त किया जाता है. अंग्रेजी अक्षरों के लिए प्रत्येक अक्षर का एक संख्यात्मक मान होता है, जिन्हें जोड़कर नामांक निकाला जाता है. यदि यह नामांक व्यक्ति के मूलांक से मेल नहीं खाता, तो नाम में बदलाव करके सकारात्मक ऊर्जा लाई जा सकती है. नामांक बाहरी व्यक्तित्व और लोकप्रियता को प्रभावित करता है.

अंक ज्योतिष के प्रमुख सिद्धांत

अंक शास्त्र में 1 से 9 तक के प्रत्येक अंक का अपना महत्व और विशिष्टता है. यह माना जाता है कि हर अंक एक ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और उसकी अपनी विशेषताएं होती हैं. यह अंक व्यक्ति के गुणों जैसे उसकी सोच, तर्क शक्ति, इच्छाएं, स्वास्थ्य और करियर आदि को प्रभावित करते हैं. अंक ज्योतिष में अंकों की गणना के लिए विभिन्न पद्धतियां हैं, जिनमें से एक पाइथागोरस प्रणाली है, जिसे आधुनिक अंक शास्त्र के रूप में भी जाना जाता है. इसमें 0 से 9 तक के इकाई अंकों का उपयोग किया जाता है.

अंक ज्योतिष का महत्व और उपयोग

अंक ज्योतिष का उपयोग व्यक्ति के भविष्य को जानने और उसके जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए किया जाता है.

व्यक्तिगत जीवन में

  • व्यक्तित्व की पहचान: अंक ज्योतिष व्यक्ति के व्यक्तित्व, उसकी ताकत और कमजोरियों को जानने में मदद करता है. हर मूलांक की अपनी अलग विशेषताएं होती हैं, जैसे मूलांक 1 वाले स्वतंत्र और आत्मविश्वासी होते हैं, जबकि मूलांक 2 वाले संवेदनशील और सहयोगी होते हैं.
  • संबंधों में अनुकूलता: अंक ज्योतिष दो लोगों के बीच संबंधों की अनुकूलता को बेहतर बनाने में सहायता करता है. यह जानकर कि किन अंकों के बीच अच्छा तालमेल है, व्यक्ति अपने साथी के साथ बेहतर संबंध बना सकता है.
  • निर्णय लेने में सहायता: यह जीवन में उचित चुनाव करने में मदद कर सकता है, जैसे घर का नंबर, फोन नंबर या कार का नंबर चुनना.
  • स्वास्थ्य: अंक ज्योतिष कुछ बीमारियों की संभावना को भी बता सकता है जो व्यक्ति के अंक से संबंधित होती हैं.

व्यावसायिक जीवन में

  • करियर चुनाव: अंक ज्योतिष व्यक्ति को उनके लिए उपयुक्त अवसरों और करियर पथ को चुनने में मार्गदर्शन कर सकता है.
  • व्यापार और सफलता: यह व्यापार के लिए नाम के चयन में भी उपयोगी हो सकता है, जिससे सफलता की संभावना बढ़ सकती है. कुछ अंकशास्त्री मानते हैं कि अंकों के सही तालमेल से व्यक्ति के भाग्य को बदला जा सकता है.

अंक ज्योतिष और विज्ञान

प्राचीन काल से ही अंकों के महत्व को समझा गया है. भारतीय विद्वानों को अंक संबंधी गूढ़ विद्या का पूर्ण ज्ञान था. इस संसार में गणित, ज्योतिष और विज्ञान की उन्नति का मूल कारण वर्तमान का अंक क्रम है, जिसमें 1 से 9 तक के अंक शामिल हैं. हालांकि आधुनिक वैज्ञानिक अंक विद्या को “छद्म गणित” मानते हैं, लेकिन इसे एक प्राचीन और विश्वसनीय कला के रूप में देखा जाता है जो भविष्य जानने के सबसे पुराने तरीकों में से एक है. कुछ ज्योतिषी मानते हैं कि 0 से 9 तक का प्रत्येक अंक हमारे सौर मंडल की एक दिव्य शक्ति द्वारा नियंत्रित होता है. भारतीय दर्शन में अंक 7 का विशेष महत्व है, जो आध्यात्मिक, रहस्यमय और शक्ति संपन्न माना जाता है. इसी तरह, अंक 9 को एक पूर्ण अंक माना जाता है, और इसका योग हमेशा 9 ही रहता है, चाहे उसे किसी भी अंक से गुणा किया जाए.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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