Advertisement

ranchi

  • Jul 22 2019 3:00PM
Advertisement

BJP का बड़ा आरोप : झारखंड में जमीन का कारोबार कर रही रोम की संस्था, CNT-SPT एक्ट की उड़ रही धज्जियां

BJP का बड़ा आरोप : झारखंड में जमीन का कारोबार कर रही रोम की संस्था, CNT-SPT एक्ट की उड़ रही धज्जियां

रांची : रोम की एक संस्था ने झारखंड में सीएनटी-एसपीटी कानून की धज्जियां उड़ाकर जमीन की खरीद-फरोख्त की और उससे करोड़ों की कमाई की. मुंडा खतियान की जमीनों को कौड़ियों के मोल खरीदकर उसे करोड़ों में बेच दिया. आरोप है कि इटली के रोम की मिशनरी के संस्थान मॉनफोर्ट (Monfort) के ब्रदर्स ऑफ सेंट गेब्रियल ने अवैध तरीके से जमीन की खरीद-बिक्री करके 183 गुणा तक कमाई की. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सोमवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन बुलाकर पत्रकारों को इसकी जानकारी दी और पूरे मामले की जांच की मांग की.

श्री शाहदेव ने कहा कि कुछ ईसाई मिशनरी संस्थाओं ने सीएनटी-एसपीटी कानून का जमकर दुरुपयोग किया है. कहा कि नामकुम अंचल के खाता नंबर 3 एवं 142 के प्लॉट नंबर 170, 171, 172,173,174, 176 और 177 के कुल 4.23 एकड़ जमीन की खरीद बिक्री में गड़बड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि इस जमीन को सबसे पहले ब्रदर सिरिल लकड़ा ने वर्ष 2004-2005 में 2.6 लाख रुपये में खरीदी. ब्रदर सिरिल लाकड़ा ने तीन अलग-अलग दस्तावेजों में अपना अलग-अलग तीन पता बताया है.


प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि संबंधित प्राधिकारों से अनुमति लेने के लिए भी इन्होंने अपना गलत पता बताया. ब्रदर सिरिल लकड़ा ने किसी दस्तावेज में अपना पता नामकुम बताया, तो किसी में गुमला और किसी में पुरुलिया रोड, रांची. श्री शाहदेव ने कहा कि इससे साफ होता है कि ब्रदर लकड़ा ने सीएनटी एक्ट के उल्लंघन और थाना सीमा से बचने के लिए अधिकारियों को बार-बार गलत सूचना दी.


श्री शाहदेव ने पत्रकारों को बताया कि वर्ष 2004-05 में 2.60 लाख (दो लाख 60 हजार रुपये) में खरीदी गयी 4.23 एकड़ जमीन को, ब्रदर लकड़ा ने वर्ष 2018 में 4.76 करोड़ रुपये में बेच दिया. 13 साल में इस भू-खंड पर उन्होंने 183 गुणा मुनाफा कमाया. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि झारखंड में एक भू-खंड से संभवत: यह सबसे बड़ा मुनाफा कमाने का मामला है.


ब्रदर लकड़ा ने खरीदी जमीन, बेचते समय सामने आयीं मिशनरी संस्थाएं

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस जमीन को व्यक्तिगत स्तर पर ब्रदर लकड़ा ने खरीदा, जबकि बेचते समय मिशनरी संस्थाएं सामने आ गयीं. उन्होंने कहा कि मिशनरी संस्थाओं में फादर, ब्रदर और सिस्टर को व्यक्तिगत संपत्ति रखने का कोई हक नहीं है. फिर भी यह जमीन ब्रदर सिरील लकड़ा ने अपने नाम पर रजिस्ट्री करायी. यह मिशनरी के नियमों के भी विपरीत है.


शैक्षणिक संस्था है गैब्रियल सोसाइटी, मुख्यालय रोम में

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि गैब्रियल सोसाइटी शैक्षणिक संस्था के रूप में निबंधित है. इसका मुख्यालय रोम में है. उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय से कह रही है कि मिशनरी संस्थाएं सामाजिक कार्यों से दूर हो गयी है. इसके अलावा वह तमाम अनैतिक कार्यों में भी लिप्त है. उन्होंने कहा कि सोसाइटी को जमीन की खरीद-बिक्री का कोई अधिकार नहीं था, लेकिन जिस तरीके से यह प्रकरण सामने आया है, वह बताता है कि बड़े पैमाने पर ईसाई संस्थाएं गलत कार्यों में लिप्त हैं.

उचित फोरम पर शिकायत करेगी भाजपा

प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि गरीब आदिवासियों की जमीन को यहां के स्थानीय फादर और ब्रदर्स को आगे करके खरीदा जाता है. फिर बेचते समय मिशनरी संस्थाएं भी उससे जुड़ जाती हैं और मोटा मुनाफा कमाती हैं. झारखंड में ऐसे दर्जनों उदाहरण हैं. भाजपा उचित फोरम पर इसकी शिकायत करेगी और पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगी.

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement