Yes Bank Crisis : मनी लॉड्रिंग के आरोप में राणा कपूर गिरफ्तार, ई़डी ने अस्पताल में भर्ती कराया

Author : AvinishKumar Mishra Published by : Prabhat Khabar Updated At : 08 Mar 2020 10:50 AM

विज्ञापन

ईडी ने यश बैंक के संस्थापक राणा कपूर को कोर्ट में पेश करने से पहले मेडिकल जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है. जांच के बाद उन्हें अदालत मे पेश किया जायेगा. वहीं इस मामले मे उनकी पत्नी ईडी के आधिकारिक दफ्तर पहुंची है. जहां उनसे भी पूछताछ किया जायेगा

विज्ञापन

नयी दिल्ली : ईडी ने यश बैंक के संस्थापक राणा कपूर को कोर्ट में पेश करने से पहले मेडिकल जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है. जांच के बाद उन्हें अदालत मे पेश किया जायेगा. वहीं इस मामले मे उनकी पत्नी ईडी के आधिकारिक दफ्तर पहुंची है. जहां उनसे भी पूछताछ किया जायेगा.

इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉड्रिंग के आरोप में यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को गिरफ्तार किया था.. ईडी ने रविवार तड़के कपूर को उनके आवास से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी से पहले, तकरीबन 15 घंटे तक उनसे पूछताछ की गयी थी.

अधिकारियों ने बताया कि 62 वर्षीय कपूर को एक स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा ताकि उन्हें हिरासत में लिया जा सके

केंद्रीय एजेंसी ने कपूर के आवास पर शुक्रवार रात को छापा मारा था जिसके बाद 20 घंटे से अधिक समय तक चली पूछताछ के बाद बेलार्ड एस्टेट में ईडी के कार्यालय में कपूर को गिरफ्तार कर लिया गया. यह गिरफ्तारी तब हुई है जब इस निजी बैंक में वित्तीय अनियमितताओं और इसके संचालन में कुप्रबंधन के आरोप सामने आये हैं और आरबीआई एवं केंद्र सरकार ने इसके मामलों को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू की है.

मामले के जांच अधिकारी ने उस समय पीएमएलए के तहत कपूर का बयान दर्ज किया था जब उनसे यहां वर्ली इलाके में ‘समुद्र महल’ में उनके आवास पर शुक्रवार रात को पहली बार पूछताछ की गई थी. उन्हें नये सिरे से पूछताछ के लिए शनिवार दोपहर को ईडी कार्यालय लाया गया. एजेंसी ने शनिवार को मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए और जानकारी एवं सबूत जुटाने के वास्ते दिल्ली एवं मुंबई में कपूर की तीन बेटियों के परिसरों की तलाशी ली.

अधिकारियों के अनुसार, कपूर की पत्नी बिंदु और बेटियां राखी कपूर टंडन, रोशनी कपूर और राधा कपूर उन कंपनियों से कथित तौर पर जुड़ी है जिनमें ‘आपराधिक गतिविधियों’ का पता चला है. उन्होंने बताया कि कपूर के खिलाफ मामला घोटालों से घिरी डीएचएफएल से जुड़ा है.

डीएचएफएल ने बैंक से कर्ज लिया था लेकिन उसे चुकाया नहीं और वह गैर निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में बदल गया. अधिकारियों ने बताया कि डीएचएफएल द्वारा एक कंपनी को दिए 600 करोड़ रुपये का कर्ज भी ईडी की जांच के केंद्र में है.

केंद्रीय एजेंसी कुछ कॉरपोरेट कंपनियों को कर्ज देने में कपूर की भूमिका और इसके बाद उनकी पत्नी के खातों में रिश्वत की रकम डाले जाने के मामले की भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश बिजली निगम में कथित पीएफ धोखाधड़ी से संबंधित एक मामले समेत अन्य कथित अनियमितताएं भी एजेंसी की जांच के घेरे में है.

सीबीआई ने हाल में उत्तर प्रदेश में 2,267 करोड़ रुपये के कर्मचारी भविष्य निधि घोटाले की जांच शुरू की है, जहां बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों की मेहनत की कमाई को दीवान हाउसिंग फाइनैंस कॉरपोरेशन (डीएचएफएल) में निवेश किया गया. रिजर्व बैंक ने यस बैंक पर तमाम अंकुश लगाते हुए बैंक के जमाकर्ताओं के लिए तीन अप्रैल तक निकासी की सीमा 50,000 रुपये तय की है. रिजर्व बैंक ने बैंक के निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया.

विज्ञापन
AvinishKumar Mishra

लेखक के बारे में

By AvinishKumar Mishra

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola