Chhattisgarh Naxal attack: क्या है नक्सलियों का TCOC अभियान, हमले में अबतक सैकड़ों जवान हो चुके हैं शहीद
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 27 Apr 2023 9:30 AM
दंतेवाड़ा समेत पूरे बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर मार्च और जून माह के बीच बड़ी संख्या में हमले हुए हैं. दरअसल हर साल मार्च और जून माह के मध्य गर्मी के मौसम में नक्सली टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन (टीसीओसी) चलाते हैं और बड़ी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश करते हैं.
छत्तीसगढ़ की धरती एक बार फिर से शहीद जवानों के खून से लाल हो गयी. दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने एक बार फिर से बड़ी घटना को अंजाम दिया. सुरक्षाकर्मियों को ले जा रहे वाहनों के काफिले में शामिल एक वाहन को विस्फोट से उड़ा दिया गया. जिसमें 10 पुलिसकर्मी शहीद हो गए. जबकि एक वाहन चालक की भी मौत हो गई. यह पहली बार नहीं है, जब छत्तीसगढ़ में गर्मी के मौसम में नक्सलियों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया हो. बल्कि इससे पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं. दरअसल इस मौसम में नक्सली एक खास अभियान को अंजाम देते हैं.
हर साल मार्च से जून माह में नक्सली करते हैं बड़ा धमाका
दंतेवाड़ा समेत पूरे बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर मार्च और जून माह के बीच बड़ी संख्या में हमले हुए हैं. दरअसल हर साल मार्च और जून माह के मध्य गर्मी के मौसम में नक्सली टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन (टीसीओसी) चलाते हैं और बड़ी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश करते हैं. दरअसल इस दौरान पतझड़ का मौसम होता है. जंगलों में दूर तक नजर रखना आसान होता है. नक्सलियों का बड़ा विंग पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) एक्टिव हो जाता है. इस दौरान नये लड़ाकों को ट्रेनिंग दी जाती है. इस दौरान नक्सली ट्रेनिंग के साथ-साथ सुरक्षाबलों पर हमला करते हैं.
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तीन अप्रैल 2021 में सुकमा और बीजापुर जिलों की सीमा पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था. इस हमले में 22 जवान शहीद हुए थे.
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21 मार्च, 2020 को सुकमा के मिनपा इलाके में नक्सली हमले में 17 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे.
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नौ अप्रैल, 2019 को दंतेवाड़ा जिले में एक नक्सली विस्फोट में भाजपा विधायक भीमा मंडावी और चार सुरक्षाकर्मी मारे गए थे तथा सुकमा में 24 अप्रैल, 2017 को बुरकापाल हमले में सीआरपीएफ के 25 जवानों की मृत्यु हुई थी.
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वर्ष 2010 में ताड़मेटला (तब दंतेवाड़ा में) में हुए सबसे बड़े नक्सली हमले जिसमें 76 जवानों की मृत्यु हुई थी वह भी टीसीओसी के दौरान अप्रैल माह में हुआ था.
नक्सलियों ने ऐसे दिया घटना को अंजाम
छत्तीसगढ़ में पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों पर माओवादियों का यह सबसे बड़ा हमला है. बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान पर निकले जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के दल पर नक्सलियों ने दोपहर एक बजे से 1:30 बजे के बीच विस्फोट किया, इस घटना में 10 पुलिसकर्मी शहीद हो गए तथा एक वाहन चालक की मृत्यु हो गई. बस्तर क्षेत्र के ज्यादातर युवाओं को डीआरजी में भर्ती किया गया है। यह दल नक्सलियों से लड़ने में माहिर माना जाता है और इस दल में कुछ आत्मसमर्पित नक्सली भी हैं. सुंदरराज ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में शामिल होने के बाद दस जवान एक मल्टी यूटिलिटी व्हीकल से दंतेवाड़ा लौट रहे थे, जब वह अरनपुर और समेली गांवों के बीच में थे तभी नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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