Weather Updates: फरवरी में मई-जून जैसी गर्मी! बारिश में भी आएगी कमी, मौसम ऐसे लेगी करवट

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Weather Updates: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान जाहिर किया है कि फरवरी में गर्मी औसत से ज्यादा पड़ेगी. विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि फरवरी में भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान के साथ-साथ सामान्य से कम बारिश हो सकती है.
Weather Updates: जनवरी महीने में कड़ाके की सर्दी के बदले देश के कई हिस्सों में गर्मी पड़ने लगी. न्यूनतम तापमान कई हिस्सों में सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है. जनवरी महीने में बारिश में भी कमी आई है. 15 जनवरी के बाद से उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान में लगातार इजाफा होता गया. देश की राजधानी दिल्ली में भी दिन में तापमान में काफी इजाफा हो गया है. राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक है. मौसम विभाग का अनुमान है कि फरवरी में भी बारिश औसत से काफी कम होगी.
सामान्य से कम होगी बारिश- मौसम विभाग
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि पश्चिम-मध्य, प्रायद्वीपीय और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में फरवरी में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का पूर्वानुमान जाहिर किया है. महापात्रा ने यह भी कहा कि इसी तरह पश्चिम-मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.
2001 के बाद तीसरी बार दर्ज की गई सबसे कम बारिश
पीटीआई के मुताबिक, मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि भारत में जनवरी में औसतन 4.5 मिलीमीटर बारिश हुई. यह 1901 के बाद से चौथी बार और 2001 के बाद तीसरी बार सबसे कम बारिश दर्ज की गयी. जनवरी में देश का औसत तापमान 18.98 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद से इस महीने का तीसरा सबसे अधिक तापमान था. इससे पहले आईएमडी ने पूर्वानुमान जाहिर किया था कि जनवरी से मार्च के बीच उत्तर भारत में सामान्य वर्षा से कम होगी.
फसलों के लिए अहम होती है सर्दी की बारिश
सर्दी की बारिश कई फसलों के लिए काफी अहम होती है. पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, यूपी जैसे राज्यों में सर्दियों में गेहूं, मटर, चना समेत कई और फसलों की खेती होती है. गर्मी के महीनों में इन सब फसलों की कटाई होती है. ऐसे में सर्दी की बारिश इन फसलों के लिए काफी अहम मानी जाती है. बारिश कम होने से इन फसलों पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है.
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लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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